संदेशखाली: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में एक बार फिर हथियारों की बरामदगी से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान एक तालाब से तीन आग्नेयास्त्र और 32 राउंड कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई संदेशखाली के कोराकाटी ग्राम पंचायत इलाके में की गई। मामले में तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्य समीर सरदार को गिरफ्तार किया गया है। समीर सरदार को शेख शाहजहां का करीबी और इलाके का बाहुबली बताया जा रहा है। पुलिस अब बरामद हथियारों और कारतूसों के स्रोत की जांच कर रही है।
तालाब में चलाया गया तलाशी अभियान
संदेशखाली के कोराकाटी ग्राम पंचायत इलाके में पुलिस को हथियारों के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद बशीरहाट जिला पुलिस की एसओजी और संदेशखाली थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सिविल डिफेंस के कर्मचारियों को तालाब में उतारा गया। काफी देर तक तालाब के अंदर तलाशी अभियान चलाया गया। इसी दौरान पुलिस को हथियार और कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के बाद पूरे इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई।
तीन आग्नेयास्त्र और 32 कारतूस बरामद
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने तालाब से कुल तीन आग्नेयास्त्र बरामद किए। इसके साथ ही 32 राउंड कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने सभी हथियारों और कारतूसों को अपने कब्जे में ले लिया है। अब इन हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में हुआ था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस हथियारों की जांच के लिए उन्हें फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भी भेज सकती है। बरामदगी के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
तृणमूल पंचायत सदस्य समीर सरदार गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने कोराकाटी ग्राम पंचायत के तृणमूल कांग्रेस सदस्य समीर सरदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे हथियारों की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि तालाब में हथियार और कारतूस कैसे पहुंचे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन हथियारों का किसी आपराधिक गतिविधि से संबंध है या नहीं। पुलिस समीर सरदार से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
शेख शाहजहां से करीबी का दावा
समीर सरदार को इलाके में प्रभावशाली नेता के तौर पर बताया जाता है। वह संदेशखाली के चर्चित नेता शेख शाहजहां का करीबी भी बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। संदेशखाली पहले भी हथियारों और राजनीतिक हिंसा से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में तालाब से हथियारों की बरामदगी ने इलाके में एक बार फिर राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं।
हथियारों के स्रोत की जांच में जुटी पुलिस
हथियार बरामद होने के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि ये हथियार तालाब में कब और किसने छिपाए थे। पुलिस बरामद कारतूसों और हथियारों की भी जांच करेगी। इसके अलावा समीर सरदार से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चला सकती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है।