पश्चिम बंगाल: के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मंगलवार को रानाघाट में दुर्गापूजा पंडाल का उद्घाटन करने के बाद विशेष विमान से दिल्ली रवाना हुए। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निमंत्रण पर BRICS समूह के देशों से संबंधित एक डिनर मीटिंग में शामिल होने के लिए वह दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकारी कार्यक्रम पूरा करने के बाद रात में ही कोलकाता लौटने की योजना है।
रानाघाट में दुर्गापूजा पंडाल का किया उद्घाटन
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी रानाघाट की 4 पल्ली दुर्गोत्सव समिति के पूजा पंडाल का उद्घाटन करने पहुंचे। वह हेलीकॉप्टर से हबीबपुर के छातिमतला मैदान पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए पूजा मंडप पहुंचे।इस कार्यक्रम में रानाघाट उत्तर-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक पार्थसारथी चट्टोपाध्याय सहित स्थानीय नेता मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने अपने दिल्ली दौरे की जानकारी दी।
BRICS से जुड़ी डिनर मीटिंग में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उन्हें BRICS समूह से संबंधित डिनर मीटिंग के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि वह मंगलवार शाम दिल्ली जाएंगे और रात में कोलकाता वापस लौट आएंगे।सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, राज्य के कुछ सांसदों को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। हालांकि, बैठक के विस्तृत एजेंडे के बारे में उन्होंने कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
‘हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार’
पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से बिरयानी को लेकर चल रहे विवाद पर भी सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है।उनकी यह प्रतिक्रिया हिंदू जागरण मंच से जुड़े बिरयानी संबंधी बयान पर उठे सवालों के संदर्भ में आई। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विस्तार से टिप्पणी करने के बजाय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर जोर दिया।
दुर्गापूजा के उद्घाटन कार्यक्रमों में भी व्यस्त हैं मुख्यमंत्री
दिल्ली दौरे से पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी राज्य में कई दुर्गापूजा पंडालों का उद्घाटन कर चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा, टाला प्रत्यय और चेतला अग्रणी जैसे पूजा आयोजनों में भी हिस्सा लिया है।त्योहार के दौरान राज्य में पूजा उद्घाटन के कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री का यह संक्षिप्त दिल्ली दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।