कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जनगणना-2027 की प्रक्रिया शनिवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। बिधाननगर में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सबसे पहले ऑनलाइन स्व-पंजीकरण (सेल्फ एन्यूमरेशन) फॉर्म भरकर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में जनगणना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जनगणना प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी।

लोगों से सहयोग की अपील
ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि हर परिवार सही और पूरी जानकारी दर्ज करे, क्योंकि जनगणना के आंकड़े ही सरकार की भविष्य की योजनाओं का आधार बनते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, पेयजल और अन्य सरकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में इन आंकड़ों की अहम भूमिका रहती है।
पहली बार मिलेगी ऑनलाइन स्व-पंजीकरण की सुविधा
इस बार जनगणना में पहली बार नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प दिया गया है। निर्धारित पोर्टल पर मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण कर परिवार से जुड़ी जानकारी भरी जा सकेगी। जिन लोगों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना संभव नहीं होगा, उनके घर जाकर गणनाकर्मी पूरी जानकारी दर्ज करेंगे और आवश्यक सत्यापन भी करेंगे।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना का काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पहले चरण में ऑनलाइन स्व-पंजीकरण और मकानों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में गणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करेंगे और ऑनलाइन भरी गई जानकारी का मिलान करेंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
34 सवालों के जरिए जुटाई जाएगी जानकारी
इस बार के ऑनलाइन फॉर्म में परिवार, मकान, शिक्षा, पेयजल, बिजली, रसोई गैस, शौचालय, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 34 सवाल शामिल किए गए हैं। स्व-पंजीकरण पूरा होने के बाद प्रत्येक परिवार को एक यूनिक आईडी भी दी जाएगी, जिससे आगे की प्रक्रिया आसान होगी।
फरवरी 2027 तक चलेगा अभियान
राज्य सरकार के अनुसार जनगणना-2027 का कार्य चरणबद्ध तरीके से फरवरी 2027 तक पूरा किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से समय की बचत होगी और आंकड़ों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।