कोलकाता: पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने स्वास्थ्य भवन (स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय) के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रिसीविंग और डिस्पैचिंग सेक्शन का अचानक औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दफ्तर के कोनों और टेबल के पास वर्षों से धूल खा रहे हजारों बिना खुले सरकारी और आम जनता के पत्रों का अंबार देखकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने रिसीविंग सेक्शन के प्रभारी अधिकारी को तुरंत तलब कर सभी पुराने पत्रों को खोलकर उनका निस्तारण करने का आदेश दिया।
2016 और 2018 के सरकारी दस्तावेज भी पड़े मिले बिना खुले
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने खुद जब पत्रों के बंडलों की जांच की, तो उसमें कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज बिना खुले पड़े मिले। उन्होंने बताया कि बहरामपुर के सीएमओएच (CMOH) द्वारा 2018 में भेजा गया सरकारी पत्र भी बिना खुला पड़ा था। विभागीय कर्मचारियों से बातचीत में सामने आया कि वहां 2016 और उससे भी पुराने समय के ढेरों आवेदन और पत्राचार धूल चाट रहे हैं।
अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने और सभी पत्रों के जवाब देने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार अब से आने वाले हर पत्र की एक पावती (acknowledgement) भेजी जाएगी और प्रत्येक पत्र का उचित जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पत्रों की छंटनी और उत्तर देने में कर्मचारियों की कमी है, तो तुरंत नए कर्मचारियों को तैनात किया जाए। मंत्री के सख्त निर्देशों के बाद विभाग में बोरों में बंद पड़े पुराने पत्रों की छंटनी का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।