कोलकाता: तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस पर आयोजित रैली और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाषण को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के ‘अंतरराष्ट्रीय न्यायालय’ जाने संबंधी बयान, 9 कैमाक स्ट्रीट विवाद और आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल नेतृत्व युवाओं और छात्रों को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, आवास योजना में कथित फर्जी लाभार्थियों को लेकर उन्होंने राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई की बात कही।
“ममता बनर्जी युवाओं को बहला-फुसला रही हैं”
TMCP की रैली में ममता बनर्जी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल नेतृत्व छात्र-युवा वर्ग को अपने राजनीतिक आंदोलन से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी की उम्र हो चुकी है और तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी की संभावना नहीं है। उनके मुताबिक, युवाओं से राजनीतिक भविष्य को लेकर किए जा रहे दावे वास्तविकता से अलग हैं। दिलीप घोष ने कहा कि छात्रों को भावनात्मक मुद्दों के बजाय अपने शिक्षा और रोजगार के भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।
‘इंटरनेशनल कोर्ट’ जाने के बयान पर निशाना
ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ने की बात पर भी दिलीप घोष ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी को भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं है तो अंतरराष्ट्रीय मंचों का रुख करने की बात कही जा सकती है। उनके अनुसार, भारत की अदालतों में ही राजनीतिक और कानूनी विवादों का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने ममता बनर्जी के बयान को राजनीतिक रूप से अतिरंजित बताते हुए कहा कि तृणमूल नेतृत्व लगातार अदालतों और मुकदमों का मुद्दा उठाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
9 कैमाक स्ट्रीट विवाद पर भी हमला
9 कैमाक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय के बिलबोर्ड को हटाने की कार्रवाई को लेकर भी दिलीप घोष ने पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि कथित अवैध होर्डिंग और शहर में दृश्य प्रदूषण को हटाने के उद्देश्य से की जा रही थी। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान तृणमूल समर्थकों ने पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। दिलीप घोष ने कहा कि सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
आवास योजना में कथित अनियमितताओं पर बड़ा दावा
पश्चिम बंगाल की आवास योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर दिलीप घोष ने कई आंकड़े सामने रखे। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थियों की पहचान हुई है जो योजना की पात्रता पूरी नहीं करते थे।
उनके मुताबिक:
- करीब 12,500 कथित अयोग्य लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
- उन्हें सरकारी राशि वापस करने के लिए कहा गया है।
- लगभग 1,000 लोगों ने राशि लौटाना शुरू कर दिया है या किस्तों में भुगतान कर रहे हैं।
- राशि वापस नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिलीप घोष ने यह भी दावा किया कि पिछली सूची की जांच में करीब 70 हजार संदिग्ध या अयोग्य नाम सामने आए हैं। इनमें लगभग 58 हजार नामों के मतदाता सूची में नहीं होने का भी उन्होंने दावा किया। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि तथा संबंधित जांच रिपोर्ट का सार्वजनिक विवरण इस दावे के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगा।
सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार पर भी प्रतिक्रिया
तृणमूल नेताओं सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार की ओर से एनसीपीआई और अन्य सहयोगियों के साथ चुनावी रणनीति बनाए जाने की चर्चा पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल और नेता अपनी रणनीति बनाने के लिए स्वतंत्र हैं और वे जिस तरह चाहें चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की विकास योजनाओं से जुड़ने की इच्छा रखने वाले लोगों का स्वागत करने की बात भी कही।
राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत
TMCP स्थापना दिवस के मंच से ममता बनर्जी के तीखे हमले और उसके बाद दिलीप घोष के पलटवार ने राज्य की राजनीति में बयानबाजी को और तेज कर दिया है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस पुलिस कार्रवाई, मुकदमों और राजनीतिक दबाव को मुद्दा बना रही है, वहीं बीजेपी कानून-व्यवस्था, अवैध निर्माण और सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर टीएमसी पर निशाना साध रही है। आने वाले दिनों में TMCP रैली, 9 कैमाक स्ट्रीट विवाद और आवास योजना की जांच राज्य की राजनीति के प्रमुख मुद्दों में बने रहने की संभावना है।