कोलकाता: पश्चिम बंगाल में स्नातक (UG) प्रवेश प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच चुकी है। राज्यभर के कॉलेजों में शनिवार से दाखिला ले चुके छात्रों के दस्तावेज़ों का भौतिक सत्यापन शुरू हो गया है। प्रवेश के आंकड़ों में इस बार उत्तर 24 परगना के कॉलेज सबसे आगे रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालयों में कोलकाता विश्वविद्यालय ने सबसे अधिक छात्रों के दाखिले के साथ अपनी बढ़त बरकरार रखी है।
4 जुलाई तक चलेगा दस्तावेज़ सत्यापन
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, सभी कॉलेजों में 4 जुलाई तक छात्रों के मूल दस्तावेज़ों की जांच की जाएगी। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6 जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की नियमित कक्षाएं शुरू होंगी।
पहले चरण में तीन लाख से अधिक छात्रों ने लिया प्रवेश
राज्य के केंद्रीकृत प्रवेश पोर्टल (CAP) के माध्यम से पहले चरण में तीन लाख से अधिक छात्रों ने स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया। हालांकि, हजारों छात्रों ने बाद में अपना प्रवेश रद्द भी कराया, जिससे कई कॉलेजों में सीटें फिर से खाली हुई हैं।
प्रवेश रद्द होने के पीछे ये रहे प्रमुख कारण
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई छात्रों को अपनी पसंद का कॉलेज या विषय नहीं मिला। वहीं, कुछ छात्रों ने इंजीनियरिंग और अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों में चयन होने के बाद सामान्य डिग्री कॉलेजों का दाखिला छोड़ दिया।
उत्तर 24 परगना बना प्रवेश का नया केंद्र
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, उत्तर 24 परगना के कॉलेजों में सबसे अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया है। इसके बाद कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद और नदिया का स्थान रहा। दूसरी ओर, कालिम्पोंग और झाड़ग्राम जैसे जिलों में प्रवेश संख्या सबसे कम दर्ज की गई।
विश्वविद्यालयों में कोलकाता विश्वविद्यालय सबसे आगे
विश्वविद्यालयों के स्तर पर कोलकाता विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में सबसे अधिक छात्रों ने नामांकन कराया है। इसके बाद कल्याणी विश्वविद्यालय, बर्धमान विश्वविद्यालय और पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय का स्थान रहा। इससे साफ है कि पारंपरिक विश्वविद्यालयों में छात्रों का भरोसा अब भी मजबूत बना हुआ है।
टॉप-5 कॉलेजों में नहीं बना कोलकाता शहर का स्थान
सबसे अधिक प्रवेश पाने वाले कॉलेजों की सूची में गोबरडांगा हिंदू कॉलेज, ध्रुवचंद हालदार कॉलेज, केएन कॉलेज बहारामपुर, उलूबेड़िया कॉलेज और श्रीपत सिंह कॉलेज शामिल हैं। दिलचस्प बात यह रही कि इस सूची में कोलकाता शहर का कोई भी कॉलेज जगह नहीं बना सका।
कॉलेजों को अगले चरण का इंतजार
दस्तावेज़ सत्यापन पूरा होने के बाद अब सभी की निगाहें प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरण पर हैं। जिन सीटों पर प्रवेश रद्द हुआ है, उन्हें भरने के लिए आगे की काउंसलिंग और आवंटन प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।