कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी दो धड़ों में बंट चुकी है—एक तरफ ममता बनर्जी का गुट है, तो दूसरी तरफ ऋतब्रत बनर्जी का विद्रोही गुट। इस आंतरिक गुटबाजी की गूंज सोमवार को राज्य विधानसभा में भी सुनाई दी, जहां गुंडा दमन विधेयक पर चर्चा के दौरान दोनों गुट आपस में ही भिड़ गए। इसी सियासी घमासान के बीच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीएमसी के सैकड़ों करोड़ रुपये के फंड को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। मंगलवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोलकाता, साल्टलेक और न्यूटाउन समेत पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है।
ED के निशाने पर 'चार्टर्ड फ्लाइट' कंपनी, 5 ठिकानों पर तलाशी
दरअसल, ऋतब्रत बनर्जी के विद्रोही गुट ने पार्टी के बैंक खातों से संदिग्ध लेनदेन का मुद्दा उठाया था। विद्रोही सांसदों का आरोप है कि पार्टी के फंड से करोड़ों रुपये निकालकर नेताओं के लिए प्राइवेट चार्टर्ड विमान (निजी चार्टर्ड फ्लाइट) बुक किए जाते थे।
इसी सिलसिले में मंगलवार सुबह ED की टीमों ने राजाहाट, राधाबाजार और साल्टलेक समेत पांच जगहों पर धावा बोला। जांच एजेंसी के निशाने पर मुख्य रूप से 'केयरवेल एविएशन' कंपनी का दफ्तर और उसके डायरेक्टर का घर है। आरोप है कि इसी कंपनी के जरिए डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी और खुद ममता बनर्जी के लिए चार्टर्ड विमान बुक किए जाते थे। ED इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि क्या इन लग्जरी यात्राओं का भुगतान वाकई टीएमसी के बैंक खातों से किया जा रहा था। इसी कार्रवाई के तहत साल्टलेक के CG-16 स्थित पवन जाजू और राजेश जाजू के आवास पर भी ED की छापेमारी चल रही है।
बैंक अकाउंट फ्रीज, कोर्ट पहुंचा मामला
पार्टी में विभाजन के तुरंत बाद वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद टीएमसी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने HDFC बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के बैंक खाते को फ्रीज करने का अनुरोध किया था। बैंक खाता सील होने के बाद अब यह कानूनी लड़ाई हाई कोर्ट तक पहुंच चुकी है।
आरोप है कि जब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी का एक बड़ा हिस्सा पुलिसिया उत्पीड़न और गिरफ्तारियों का सामना कर रहा था, तब पार्टी के 'सेकंड-इन-कमांड' अभिषेक बनर्जी लगातार चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली-कोलकाता के चक्कर काट रहे थे, जिसका भारी-भरकम खर्च पार्टी फंड से वहन किया जा रहा था।
विधानसभा में भिड़े दोनों गुट, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का तीखा तंज
सोमवार को विधानसभा में जब दोनों गुट इस बात को लेकर आपस में उलझ गए कि विधेयक पर कौन सा पक्ष अपनी बात रखेगा, तब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष की चुटकी लेते हुए करारा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा:
"सीपीएम के शासनकाल में राजनीति में जो अपराधीकरण शुरू हुआ था, तृणमूल के समय वह और अधिक बढ़ गया। यही कारण है कि आप लोग चुनाव हार गए। सिर्फ हारे ही नहीं हैं, बल्कि जनता ने आपको पूरी तरह से नकार दिया है। इसी वजह से आज आप लोग विपक्ष की सीटों पर बैठे हैं।"
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए आगे कहा:
आप लोग एक मजबूत विपक्ष भी नहीं हैं। कोई पार्टी से बाहर निकल रहा है, तो कोई किसी का कॉलर (कमीज) पकड़कर खींच रहा है। एक गुट कहता है कि असली तृणमूल हम हैं, तो दूसरा गुट उन्हें 'लैम्पपोस्ट' बताता है। आपकी इस बदहाली की वजह आपकी खुद की नीतियां हैं।