कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। आगामी 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में राज्य की 294 सीटों पर मतदान होना है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। चुनाव की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल आज, शनिवार से अपना जिला दौरा शुरू कर रहे हैं।
पूर्व मेदिनीपुर से होगी शुरुआत
आयोग के सूत्रों के अनुसार, सीईओ के दौरे का पहला पड़ाव पूर्व मेदिनीपुर है। आज वह वहां के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इस दौरे के मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:
-
आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार बूथ स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा।
-
आदर्श आचार संहिता (MCC) का कड़ाई से पालन।
-
मतदान केंद्रों के बुनियादी ढांचे का निरीक्षण।
अभूतपूर्व सुरक्षा और कड़े नियम
लंबे समय के बाद पश्चिम बंगाल में इतनी कम अवधि (सिर्फ 2 चरणों) में चुनाव हो रहे हैं, जो एक बड़ी चुनौती है। दिल्ली के निर्देश पर राज्य प्रशासन के कई शीर्ष अधिकारियों का तबादला पहले ही किया जा चुका है। इस बार निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं:
-
वेबकास्टिंग और सीसीटीवी: आयोग ने घोषणा की है कि हर बूथ पर लाइव वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
-
मोबाइल फोन पर प्रतिबंध: मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर सख्त पाबंदी रहेगी। मोबाइल बाहर जमा कराकर ही प्रवेश मिलेगा।
-
केंद्रीय बल और पर्यवेक्षक: अन्य वर्षों की तुलना में इस बार राज्य में कई गुना अधिक केंद्रीय सुरक्षा बल और पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
"राज्य में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।" — ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त
मालदा की घटना और आयोग का सख्त रुख
मालदा में जजों को रोककर विरोध प्रदर्शन करने की घटना को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत के निर्देश पर आयोग ने इस मामले की जांच NIA को सौंप दी है। हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की थी और कई घटनाओं पर प्रशासन की भूमिका को लेकर नाराजगी जताई थी। दिल्ली की इसी फटकार के बाद राज्य चुनाव आयोग पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
माना जा रहा है कि मनोज कुमार अग्रवाल का यह जिला दौरा उसी सक्रियता का हिस्सा है। पूर्व मेदिनीपुर के बाद वह चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों का भी दौरा करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तैयारी में कोई कमी न रहे।