कोलकाता: दिवाली और छठ पूजा से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वायु और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए पटाखे फोड़ने का समय निर्धारित कर दिया गया है। साथ ही पटाखों की बिक्री, उनके इस्तेमाल और ध्वनि की अधिकतम सीमा को लेकर भी कई नियम बनाए गए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
बीजेपी सरकार की पहली दिवाली, प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी सरकार के कार्यकाल में यह पहली दिवाली है। ऐसे में त्योहार के दौरान प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। सरकार ने पटाखे फोड़ने से लेकर उनकी बिक्री और इस्तेमाल तक के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पर्यावरण मंत्री मनोज ओरांव ने स्पष्ट किया है कि त्योहार मनाने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक ही फोड़ सकेंगे पटाखे
सरकार ने पटाखे फोड़ने के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी है। दिवाली के दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। यानी लोगों को केवल दो घंटे का समय दिया गया है। वहीं, छठ पूजा के दिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पटाखे फोड़े जा सकेंगे। निर्धारित समय के अलावा पटाखे फोड़ना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति, आवाज की सीमा भी तय
पटाखों के प्रकार और उनसे निकलने वाली आवाज को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, केवल पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी। प्रतिबंधित और सामान्य पटाखों की बिक्री तथा इस्तेमाल पर रोक रहेगी। वहीं, पटाखों से निकलने वाली आवाज की अधिकतम सीमा 125 डेसिबल निर्धारित की गई है। लाइट वाले पटाखों के लिए ध्वनि सीमा 90 डेसिबल रखने का निर्देश दिया गया है।
अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ने पर रोक
अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों के आसपास विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि पटाखों का तेज शोर और धुआं मरीजों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
नियमों का उल्लंघन होने पर इन नंबरों पर करें शिकायत
पटाखों को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने पर आम लोग सीधे प्रशासन से शिकायत कर सकेंगे। इसके लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
टेलीफोन नंबर: 033-22023057
टोल फ्री नंबर: 18003453390
किसी इलाके में प्रतिबंधित पटाखे फोड़ने, निर्धारित समय के बाहर आतिशबाजी करने या प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन होने पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
7, 8 और 9 नवंबर को विशेष कंट्रोल रूम, सड़कों पर उतरेंगी मोबाइल वैन
त्योहार के दौरान निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 7, 8 और 9 नवंबर को विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। इसके जरिए कोलकाता समेत विभिन्न इलाकों में पटाखे फोड़ने और प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा कोलकाता के अलग-अलग हिस्सों में विशेष मोबाइल वैन और निगरानी यूनिट तैनात की जाएंगी। ये टीमें मौके पर पहुंचकर नियमों के पालन की जांच करेंगी।
प्रदूषण प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की विशेष नजर
पिछले वर्षों में जहां बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़ने की शिकायतें सामने आई थीं, उन इलाकों पर इस बार विशेष निगरानी रखी जाएगी। कोलकाता के साथ-साथ सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पूजा पंडालों और संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल को रोका जा सके।
फानूस और आकाशदीप उड़ाने के लिए भी लेनी होगी अनुमति
पटाखों के अलावा फानूस और आकाशदीप उड़ाने को लेकर भी प्रशासन ने सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। खासकर फानूस उड़ाने के लिए अग्निशमन विभाग की अनुमति जरूरी होगी। बिना अनुमति फानूस उड़ाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रशासन के मुताबिक, फानूस में लगी आग से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसे में घनी आबादी वाले इलाकों और घरों की छतों से फानूस उड़ाने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी।
पशु-पक्षियों की सुरक्षा को लेकर भी अपील
सरकार की ओर से पशु-पक्षियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। जिन इलाकों में पशु-पक्षियों की मौजूदगी अधिक है और जहां पालतू जानवर रहते हैं, वहां पटाखे फोड़ने से बचने की अपील की गई है। तेज आवाज से कुत्ते, बिल्ली समेत कई जानवर डर जाते हैं और कई बार उनकी तबीयत भी बिगड़ सकती है। ऐसे में लोगों से जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई है।
अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और बिक्री पर भी होगी कार्रवाई
सरकार ने अवैध पटाखा निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए भी निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। विभिन्न इलाकों में गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने, जमा करने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित पटाखों को बाजार से हटाने और केवल पर्यावरण अनुकूल पटाखों की बिक्री सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार का सख्त संदेश
पर्यावरण मंत्री मनोज ओरांव के मुताबिक, पिछली सरकार के कार्यकाल में पटाखों पर नियंत्रण और प्रदूषण रोकने के लिए जिन क्षेत्रों में कमी रह गई थी, उन्हें इस बार दूर करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का दावा है कि केवल दिशा-निर्देश जारी करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि कंट्रोल रूम, मोबाइल निगरानी टीम और जिला प्रशासन के जरिए इन नियमों को जमीन पर लागू कराया जाएगा। कुल मिलाकर, दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने पटाखों के इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाया है। सरकार का उद्देश्य त्योहारों की खुशियां बरकरार रखते हुए वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना है। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह निगरानी कितनी प्रभावी साबित होती है और आम लोग इन दिशा-निर्देशों का कितना पालन करते हैं।