पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक तनाव भी तेज होता जा रहा है। शुरुआती रुझानों में कई प्रमुख सीटों पर पिछड़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी का आरोप है कि मतगणना केंद्रों पर पारदर्शिता की कमी है और उनके काउंटिंग एजेंटों को जानबूझकर रोका जा रहा है।
श्रेया पांडे का आरोप – “कुछ तो गड़बड़ लग रही है”
मानिकतला सीट से TMC उम्मीदवार श्रेया पांडे ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके एजेंटों को समय पर अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा - “कुछ तो गड़बड़ लग रही है, लेकिन हमें अपनी जीत पर पूरा भरोसा है।”
शशि पांजा ने लगाए कुप्रबंधन के आरोप
निवर्तमान मंत्री और TMC उम्मीदवार शशि पांजा ने भी मतगणना केंद्रों में अव्यवस्था का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर अधिकृत एजेंटों को अंदर जाने में अनावश्यक देरी की जा रही है, जिससे प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
काकद्वीप में देरी से शुरू हुई काउंटिंग
काकद्वीप सीट से TMC उम्मीदवार मंटूराम पाखिरा ने दावा किया कि उनके केंद्र पर मतगणना तय समय से लगभग एक घंटे देरी से शुरू हुई, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हो गई है।
भाजपा का पलटवार – “हार की हताशा”
दूसरी ओर, भाजपा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे “हार की हताशा” बताया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार चल रही है।