कोलकाता: पश्चिम बंगाल के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से मंगलवार सुबह राजधानी कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश हुई। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार को और तेज हो गई। लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। जलभराव के चलते आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कार्यालय जाने के समय प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और जाम की स्थिति देखने को मिली। बारिश के कारण रोजमर्रा के कामकाज और सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा।
कलाइकुंडा में सबसे ज्यादा 51 मिमी बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के कलाइकुंडा में सबसे ज्यादा 51 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।पानागढ़ में 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं, बैरकपुर में 43 मिलीमीटर और कैनिंग में 44 मिलीमीटर बारिश हुई। सॉल्टलेक में 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोलकाता में इस दौरान 23 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। हल्दिया में भी 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों से साफ है कि दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में बारिश का व्यापक असर रहा।
निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर जाम
बारिश की तीव्रता बढ़ने के साथ ही कोलकाता और आसपास के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सुबह कार्यालय जाने के समय यातायात का दबाव बढ़ने से कई प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया। कई जगह वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। जलभराव वाले इलाकों में पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी हुई। लगातार बारिश के कारण सड़क किनारे और निचले हिस्सों में पानी निकलने में समय लगा। इससे लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
स्कूली बच्चों और कार्यालय जाने वालों की बढ़ी परेशानी
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले लोगों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर देखने को मिला। सुबह के समय बारिश और जलभराव के कारण लोगों को घर से निकलने में परेशानी हुई। शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार धीमी रही। बारिश के बीच बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लगाना पड़ा। वहीं, कार्यालय जाने वाले लोगों को भी जाम और जलभराव का सामना करना पड़ा। आसपास के जिलों से कोलकाता आने-जाने वाले यात्रियों पर भी मौसम का असर पड़ा। लगातार बारिश के कारण लोगों को अपने रोजमर्रा के कार्यक्रमों में बदलाव करना पड़ा।
गंगा के मैदानी इलाकों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार सुबह तक राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। तटीय क्षेत्र के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र फिलहाल लगभग स्थिर बना हुआ है। इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। मौसम में बदलाव का असर यातायात और जनजीवन पर पड़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की सलाह दी गई है।
सोमवार रात से जारी है भारी बारिश
आईएमडी के अनुसार, पश्चिम बंगाल, इससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह मौसम प्रणाली फिलहाल उसी क्षेत्र के आसपास बनी हुई है। इसके प्रभाव से सोमवार रात से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण दक्षिण बंगाल के कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी। मौसम विभाग लगातार इस निम्न दबाव वाले क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। इसके आगे बढ़ने के साथ बारिश के प्रभाव में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।फिलहाल राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
उत्तर बंगाल में 4 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक निम्न दबाव वाला क्षेत्र बुधवार सुबह तक पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर बंगाल में भी बारिश का दौर तेज रहने की संभावना है। 4 सितंबर तक दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। लगातार बारिश से कुछ स्थानों पर जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है। फिलहाल बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।