केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के दौरान नव-निर्वाचित भाजपा विधायकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जा सकती है। इसके बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की तैयारी
राज्य में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में भावी मुख्यमंत्री के सचिवालय को नवान्न से हटाकर कोलकाता के किसी अन्य प्रमुख स्थान पर स्थानांतरित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को नवान्न में कार्यवाहक मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाल ने एक आपात बैठक भी की।
महाकरण से संचालन की नीति, लेकिन भवन की स्थिति चुनौतीपूर्ण
सूत्रों के अनुसार नई सत्ताधारी पार्टी भाजपा का मानना है कि राज्य प्रशासन का संचालन ऐतिहासिक ‘महाकरण’ भवन से किया जाना चाहिए। हालांकि 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रशासनिक मुख्यालय को महाकरण से नवान्न में स्थानांतरित कर दिया था। तब से महाकरण के पुनर्निर्माण और नवीनीकरण की चर्चा तो होती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस काम नहीं हो सका।
जर्जर महाकरण और अस्थायी विकल्प की तलाश
लंबे समय से उपेक्षा के कारण महाकरण भवन की स्थिति जर्जर हो चुकी है और इसके पुनर्निर्माण में समय लगने की संभावना है। ऐसे में जब तक महाकरण पूरी तरह तैयार नहीं होता, तब तक नए मुख्यमंत्री का अस्थायी सचिवालय विधानसभा भवन को बनाए जाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।