कोलकाता: गांगेय पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर ओडिशा तक फैली सक्रिय निम्नचাপ (कम दबाव) रेखा और बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पश्चिम बंगाल में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार को सुबह धूप खिलने के बावजूद दोपहर के बाद आसमान में बदलाव देखने को मिलेगा, जिसके चलते कोलकाता समेत राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं (50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार) के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
सक्रिय डिप्रेशन और मौसम का पैटर्न
सिक्किम से लेकर गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर से गुजरती हुई उत्तर ओडिशा तक फैली यह निम्नचাপ रेखा समुद्र तल से करीब 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग लगातार पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय तथा अंदरूनी इलाकों में बारिश की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना
उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके प्रभाव से आगामी 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर और उससे लगे क्षेत्रों में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। इसके बाद इसके और अधिक मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के आसार हैं।
देश के पश्चिमी हिस्सों से मानसून की विदाई की शुरुआत
एक तरफ जहां पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं, वहीं देश के पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून के लौटने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं, जिससे देश के अन्य हिस्सों से भी धीरे-धीरे मानसून के हटने के संकेत मिल रहे हैं।
कोलकाता समेत राज्यभर में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी
शुक्रवार को दिन की शुरुआत धूप के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद मौसम में बदलाव आने के स्पष्ट संकेत हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों के दौरान कोलकाता और आसपास के जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और मूसलाधार बारिश हो सकती है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मछुआरों और आम नागरिकों के लिए सतर्कता
संभावित खराब मौसम और समुद्र में बनने वाले कम दबाव के कारण तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों और आम लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से तटीय या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। कम दबाव के मजबूत होने के बाद बारिश का यह दौर और अधिक व्यापक हो सकता है।