बीते नौ वर्षों में देश के लगभग 24.8 करोड़ लोगों का गरीबी से पीछा छूट गया। नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि बहुआयामी गरीबी से मुक्ति पाने के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार ने सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग के दो शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार को नई रिसर्च रिपोर्ट जार की। रिसर्च में स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, मातृ स्वास्थ्य और बैंक खातों सहित 12 मापदंडों के आधार पर बहुआयामी गरीबी का आकलन किया गया है। इन कसौटियों के आधार पर तय गरीबों की आबादी 2022-23 में 11.3% तक कम होने का अनुमान है
देश में स्थिर और मजबूत सरकार का फायदा गरीबी से लड़ाई के मोर्चे पर भी दिख रहा है। नीति आयोग के ताजा रिसर्च पेपर से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में भारत में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी के अभिशाप से मुक्त हुए हैं।