घरेलू शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 982.71 अंक यानी 1.27% टूटकर 76,681.29 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 275.10 अंक यानी 1.14% गिरकर 23,897.95 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
वैश्विक बाजारों से मिला कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला। अमेरिका, यूरोप और एशिया के ज्यादातर बाजारों में उतार-चढ़ाव और गिरावट दर्ज की गई। DAX, CAC 40 और FTSE 100 जैसे प्रमुख यूरोपीय सूचकांक भी दबाव में रहे। वहीं एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला, जहां कुछ इंडेक्स में हल्की बढ़त तो कुछ में गिरावट रही।
तेल की कीमतों में उछाल बना बड़ा कारण
बाजार में गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता गहराई है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। इसका सीधा असर इक्विटी मार्केट पर पड़ा।
पश्चिम एशिया में तनाव का असर
United States और Iran के बीच जारी तनाव और युद्धविराम पर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम मार्ग पर संकट की स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
निवेशकों में बढ़ी सतर्कता
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव, महंगे कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की। इससे बाजार में दबाव बना और दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।