मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के निर्णय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार माना है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, बिहार के यशस्वी नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने पिछड़े वर्ग और वंचितों की लड़ाई में सामाजिक न्याय के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न के लिए दिए जाने का निर्णय लोकतंत्र को गौरवान्वित करने वाला है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, भारत सरकार ने पूर्व में भी देश की कई महान हस्तियों को उनके योगदान और उपलब्धियों के लिए भारत रत्न से सम्मानित किया है। कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का निर्णय अद्वितीय एवं प्रेरणादायी कदम है। इससे लोकतंत्र के साथ-साथ भारत सरकार का मान बढ़ा है और वंचितों और पिछड़े वर्ग में विश्वास बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, इस निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूं।
कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
बिहार के 2 बार मुख्यमंत्री रहे और राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की राजनीति के सूत्रधार माने जाने वाले कर्पूरी ठाकुर का नाम मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ के लिए चुना गया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को उनकी जन्म शताब्दी की पूर्व संध्या पर यह घोषणा की। ‘जननायक’ के रूप में मशहूर ठाकुर पहले गैर-कांग्रेसी समाजवादी नेता थे जो दिसंबर 1970 से जून 1971 तक और दिसंबर 1977 से अप्रैल 1979 तक दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनका 17 फरवरी, 1988 को निधन हो गया था। ठाकुर से पहले 2019 में दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति भवन ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कर्पूरी ठाकुर को (मरणोपरांत) ‘भारत रत्न’ के लिए चुना गया है।
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