दमोह शहर के राय चौराहे के पास संचालित निजी अस्पताल प्रबंधन पर वहां के कर्मचारियों ने धर्मांतरण के आरोप लगाए हैं। सोमवार शाम हिंदूवादी संगठन के साथ मिलकर इन कर्मचारियों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए अस्पताल प्रबंधन पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। कोतवाली टीआई ने सभी शिकायतकर्ताओं के आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं रात में अस्पताल में कार्यरत अन्य कर्मचारियों ने प्रबंधन की ओर से कोतवाली में आवेदन देकर इन आरोपों को झूठा बताया है और जांच की मांग की है।
प्रबंधन के प्रमुख संजीव लैंबर्ट उन्हें तिलक लगाने, हांथ में कलावा बांधने से लिए रोकते हैं। अस्पताल में होने वाली मसीही प्रार्थना और चर्च में जबरन उपस्थित रहने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया की धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे हैं। संजीव लैंबर्ट का हम सभी से कहना है कि ईसाई धर्म अपना लो तो तुम्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। न ही तुम्हारा कोई वेतन काटा जाएगा। यदि धर्म परिवर्तन नहीं करोगे तो यहां नौकरी करना मुश्किल हो जाएगा।
धर्मांतरण के आरोपों से घिरे अस्पताल के डायरेक्टर ने सभी आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं है। उनके यहां कई हिंदू वर्षों से कम कर रहे हैं। उन पर कभी भी इस तरह का दबाव नहीं बनाया गया है।
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