बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श कर उचित दवा लें
वहीं जिला मलेरिया अधिकारी डा. आरके पहारिया ने बताया कि, बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श कर उचित दवा लें। तीन दिन में बुखार ठीक ना हो तो पास के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर रक्त परीक्षण कराएं। उन्होंने आगे बताया है कि, तेज दर्द और शरीर में दर्द के लक्षण वाले कई मरीज डेंगू संदिग्ध मिल रहे है। पहारिया ने बताया कि, जिला मलेरिया विभाग की प्रयोगशाला में डेंगू संदिग्धों के नमूने के परीक्षण का भार बढ़ गया है। कुछ दिनों से निजी अस्पतालों से प्रतिदिन 30 से अधिक मरीजों के रक्त नमूने डेंगू जांच के लिए भेजे जा रहे है। 15 दिन पहले तक औसतन दो से तीन नमूने ही नगर के निजी असपतालों से परीक्षण के लिए आ रहे हैं।डेंगू बुखार के लक्षण...
अचानक तेज बुखार (40°C/104°F)
गंभीर सिरदर्द (Headache)
जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द
आँखों के पीछे दर्द
सूजी हुई लिम्फ ग्रंथियां
जी मिचलाना
उल्टी करना
खुजली
थकान
डेंगू के रोकथाम एवं बचाव के उपाय
1.घरों के आसपास पूर्ण साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कचरे को अपने आवास से दूर फेंके। घरों के कूलर, टेंक, ड्रम, बाल्टी आदि से पानी खाली करें। कूलर का उपयोग नही होने का दशा में उसका पानी पूरी तरह खाली करें।
2.घरों के आसपास पानी एकत्रित होने वाली सभी अनुपयोगी वस्तुएं जैसे -टीन के डब्बे, कॉच एव प्लास्टिक के बोतल, नारियल के खोल, पुराने टायर आदि नष्ट कर पाट दें तथा निस्तारी योग्य पानी में लार्वा पाए जाने पर टेमीफोस लार्वानाशक दवा का पानी की सतह पर छिड़काव करें।
3.फ्रीज के ‘ड्रिप-पैन’ से पानी प्रतिदिन खाली करें। पानी संग्रहित करने वाले टंकी, बाल्टी, टब आदि सभी को हमेशा ढंककर रखें।
4.प्रभावित क्षेत्र में प्रति सप्ताह रविवार के दिन डेंगू रोधी दिवस के रूप में मनाया जाए, जिसके अंतर्गत समस्त पानी के कंटेनरों को खाली किया जाए एवं घर में तथा आसपास साफ-सफाई अभियान के रूप में किए जाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।
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