एमपी की सियासत में अब नेताओं का सियासी समीकरण भी बदल गया है। लगातार कांग्रेस को झटके लग रहे हैं। एक के बाद एक बड़े नेताओं का कांग्रेस से मोहभंग हो रहा है। हाल ही में इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने भी देश की सबसे पुरानी पार्टी का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है।
अक्षय कांति बम ने थामा बीजेपी का दामन
अक्षय कांति बम के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी पारा हाई है। कांग्रेस लगातार भारतीय जनता पार्टी पर अक्रामक नजर आ रही है तो दूसरी तरफ भाजपा भी विपक्ष के नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर रही है। इसी बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथ लिया है।
कमलनाथ का बयान...
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, विपक्ष के नेताओं पर दबाव बनाकर उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। हमारे संविधान ने निर्वाचन प्रणाली में जनता को सर्वोपरी स्थान दिया है, लेकिन प्रमुख विपक्षी दल के प्रत्याशी को ही यदि चुनाव मैदान से हटा दिया जायेगा, तो निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का ही महत्व समाप्त हो जायेगा।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए
पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने आगे कहा है कि, सभी को चुनाव लड़ने और सभी को मतदान करने का अधिकार हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त सर्वश्रेष्ठ अधिकार है, इसकी हमेशा रक्षा होनी चाहिए। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए।
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