छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर अध्यादेश जारी हो गया है। इसके अनुसार आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत ही रखी गई है। इससे यह ओबीसी वर्ग के लोगों को अधिक से अधिक जनप्रतिनिधित्व भी मिलेगा। हालांकि, जहां एससी-एसटी की आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
राज्य शासन ने कैबिनेट की बैठक में पिछड़ा वर्ग के लिए स्थानीय निकायों में आरक्षण के नियमों में बदलाव किया है। इसका अध्यादेश भी जारी कर दिया गया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसा के अनुसार आरक्षण के प्रावधान किए गए हैं।
11 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होना है। इस बार राज्य सरकार ने तय कर दिया है कि महापौर व अध्यक्ष को सीधे जनता चुनेगी।
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर अध्यादेश जारी हो गया है। इसके अनुसार आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत ही रखी गई है। इससे यह ओबीसी वर्ग के लोगों को अधिक से अधिक जनप्रतिनिधित्व भी मिलेगा। हालांकि, जहां एससी-एसटी की आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
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