मुख्यमंत्री मोहन यादव का पहला कार्यकाल प्रदेश के लिए काफी सफल साबित हुआ है। इस एक साल में उन्होंने प्रशासनिक ढांचे में कई अहम बदलाव किए हैं, जिनसे उनके शासन के इरादे और प्राथमिकताएं स्पष्ट हो गई हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रशासन में कड़ी मेहनत और कार्यकुशलता है। वे केवल उन अधिकारियों को तवज्जो देते हैं, जो काम में दक्ष, निष्पक्ष और समय पर काम करने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री की कार्यशैली और पसंद को प्रमुख सचिव अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना की नियुक्ति से जाना जा सकता है।
बेहतर करने वालों की होगी जिलों में पोस्टिंग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न विभागों में भी अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर खास ख्याल रख रहे हैं। वे नियुक्ति में कार्यकुशलता और निष्पक्षता को सबसे ऊपर रख रहे हैं। यही वजह है कि कई विभागों में अधिकारियों की जल्द ही पदस्थापना में बदलाव हो रहा है। अब जिलों में भी बेहतर काम करने वाली की पोस्टिंग और खराब काम करने वालों को लूप में भेजने की बात कही जा रही है।
चार साल का रोडमैप तैयार कर लिया
राजनीतिक विश्लेषक प्रभु पटैरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक साल के कार्यकाल में सरकार चलाना और प्रशासनिक कामकाज को बारीकी से समझने के बाद अब सीएस अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना के रूप में कड़क, ईमानदार, कार्यकुशल और नवाचार करने वाले अधिकारियों की नियुक्ति की है। यह दर्शाता है कि अब मुख्यमंत्री भाजपा के संकल्प पत्र को पूरा करते हुए प्रदेश में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याणकारी सरकार के रूप में अपने आने वाले चार साल को स्थापित करना चाहते हैं। इन निर्णयों से यह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने अपने चार साल का रोडमैप तय कर लिया है।
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