मध्यप्रदेश सरकार में अगले पांच सालों में लगभग एक लाख पदों पर सीधे भर्ती की प्रकिया शुरु करने के लिए खाका तैयार कर लिया गया है। इन पदों पर सीधे भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत ऊर्जा विभाग ने कर दी है। बता दें, ऊर्जा विभाग में कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से कई श्रेणियों में भर्ती के लिए विज्ञापन भी जारी कर दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक लाख पदों पर भर्ती के लिए एमपीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल को रिक्वायरमेंट भेज दी गई है। सीएम के फैसले के बाद से विभागों में भर्ती की प्रक्रिया तेज हो गई है।
ऊर्जा विभाग में इतने पदों पर निकली भर्ती
ऊर्जा विभाग में कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 2573 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं। यह भर्ती पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में की जा रही है।
दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा विभागवार रिक्त पदों की जानकारी भी सामने आई है, जिसमें अब तक 55 हजार 410 पद रिक्त हैं। ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के मुताबिक पदों की भर्ती के प्रस्ताव सबसे पहले भेजने और विज्ञापन जारी कराने का काम किया है।
शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा पर खाली
प्रदेश में रिक्त पदों के मामले में अब तक के रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 24,614 पद स्कूल शिक्षा विभाग में भरे जाने हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग में 6,407 और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास व रोजगार विभाग में 4,336 पद खाली हैं। वहीं, वन विभाग में भी 4,088 पदों पर भर्ती होनी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में एक लाख पदों पर भर्ती के लिए फैसला किया है। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी लेने के लिए बैठक बुलाई है। वित्त विभाग ने भी अगले पांच सालों में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों की रूपरेखा तैयार कर ली है।
सीएम ने दिसंबर माह तक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते सामान्य प्रशासन विभाग सक्रिय हो गया है। क्योंकि बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं इसका रिव्यू करने वाले हैं। इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग ने भर्ती से संबंधित जानकारी बुलाने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सभी विभागों से रिपोर्ट मांगने का काम तेज कर दिया है।
35 विभागों में खाली है पद
सरकार को अब तक जिन विभागों में पद रिक्त होने की जानकारी मिली है, उसमें से कुल 35 विभाग सामने आए हैं। इन विभागों में आउटसोर्स या संविदा के पद से भर्ती करने के बजाय सीधी भर्ती से पद रिक्त पाए गए हैं। इसके अलावा दूसरे विभागों के प्रस्ताव आने के साथ भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजने का काम शुरू कर दिया गया है।