मध्य प्रदेश की सियासत में अब किरदार भी और नेताओं का सियासी समीकरण भी बदल गया है। इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के बीजेपी में शामिल होने के बाद सियासी पारा हाई है। कांग्रेस लगातार बीजेपी अक्रामक नजर आ रही है तो दूसरी तरफ भाजपा भी विपक्ष के नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर रही है।
चुनाव लगभग एकतरफा हो गया
एमपी की 29 में से 12 सीटों पर मतदान हो चुके हैं। कांग्रेस ने 28 पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। एक सीट खजुराहो पर समाजवादी पार्टी ने अपना कैंडिडेट उतारा था, लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद चुनाव लगभग एकतरफा हो गया और बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है। इधर इंदौर में अक्षय बम के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस के अब 27 प्रत्याशी बचे हैं। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का गठबंधन को लेकर बयान आया है।
कांग्रेस ने 29 में से 28 सीटें ले लीं
मध्य प्रदेश में लोकसभा सीटों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “अगर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो हम कुछ नहीं कर सकते। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों गठबंधन में आए। कांग्रेस ने 29 में से 28 सीटें ले लीं और 1 सीट समाजवादी पार्टी को दे दी, लेकिन समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार ने इससे इनकार कर दिया। फिर वे दूसरों को लाए, वे भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे। समाजवादी पार्टी को तय करना है कि उनका उम्मीदवार कौन होगा। मध्य प्रदेश में मोदी लहर चल रही है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या कोई अन्य पार्टी राज्य में टिक नहीं पा रही है।”
मुझे खुशी है कि पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी दी है
वहीं लोकसभा चुनाव में अपनी जिम्मेदारी को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “मुझे खुशी है कि पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी दी है और मैं (चुनाव प्रचार के लिए) कई जगहों पर जा रहा हूं… ‘मोदीमय’ माहौल हो चुका है। उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम हर कोई समान रूप से पीएम मोदी का समर्थन कर रहा है। मेरा मानना है कि पीएम मोदी एक बार फिर तीसरी बार सरकार बनाकर सुशासन स्थापित करने जा रहे हैं।”
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