मध्यहप्रदेश में अभी कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। राज्यप के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। कल सबसे कम 3.9 डिग्री सेल्सियस तापमान सतना में दर्ज किया गया।ठंड का कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों पर बने जेट स्ट्रीम के साथ ही हवाओं का रुख उत्तरी रहना है।
मप्र में सतना के अलावा नौगांव में शीतलहर चली। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। साथ ही मंगलवार के न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस से दो डिग्री कम रहा।
राजधानी का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री रहा था
इसके पहले 21 जनवरी को भी राजधानी का न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ था। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 4.2 डिग्री सेल्सियस पर रहा। ग्वालियर, चंबल, रीवा एवं सागर संभाग के जिलों में घना कोहरा बना रहा। ग्वालियर में दृश्यता 50 मीटर से कम रही। रीवा एवं खजुराहो में दृश्यता 50 मीटर के आसपास रही। गुरुवार से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान काफी कम
वर्तमान में उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालांकि, गुरुवार को एक पश्चिमी विक्षोम उत्तर भारत में पहुंचने वाला है। उसके प्रभाव से हवाओं का रुख बदलने से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
एक सप्ताह से पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड
एक सप्ताह से पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दरअसल उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र में 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर वेस्टर्न जेट स्ट्रीम (पश्चिम से पूर्व की तरफ तीव्र गति से चल रही हवाओं का समूह) सक्रिय है।
300 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं
इसमें लगभग 300 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। जेट स्ट्रीम की खासियत होती है कि वह मौजूदा मौसम के लिए उत्प्रेरक का काम करता है। यही वजह से है कि कड़ाके की सर्दी लगातार बनी हुई है। हालांकि वर्तमान में हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है। इस वजह से गुरुवार को भी मौसम का इस तरह का मिजाज अभी बना रहने की संभावना है। हालांकि रात एवं दिन के तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने लगेगी।
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