मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पर लगी रोक को हटाने का फैसला लिया गया है। मोहन कैबिनेट ने घोषणा की है कि 1 से 31 मई के बीच ट्रांसफर किए जाएंगे। नई ट्रांसफर पॉलिसी अगले हफ्ते जारी की जाएगी, जिससे कर्मचारियों को अपने स्थानांतरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि यह कदम कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को खत्म करेगा। पिछली बार की नीति में कुछ विशेष छूट दी गई थी, लेकिन कई कर्मचारी इसका लाभ नहीं उठा पाए थे। अब उन्हें भी इसका फायदा मिलेगा।
पोस्टिंग का विकल्प मिलेगा
मध्यप्रदेश में मोहन कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए 1 से 31 मई तक की अवधि निर्धारित की है। इस दौरान सभी जिलों में कर्मचारियों को अपनी पसंद के अनुसार पोस्टिंग का विकल्प मिलेगा। कैबिनेट ने यह भी घोषणा की है कि नई ट्रांसफर पॉलिसी अगले हफ्ते जारी की जाएगी, जिसमें ट्रांसफर से जुड़ी सभी शर्तें और दिशा-निर्देश स्पष्ट किए जाएंगे। यह कदम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत और उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव की संभावना प्रदान करता है।
मोहन सरकार ने शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले न करने का निर्णय इसलिए लिया था क्योंकि शिक्षक भी सरकारी कर्मचारियों में शामिल हैं। सत्र के बीच में शिक्षकों का तबादला होने से छात्रों की पढ़ाई और कोर्स पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता था। अब, चूंकि शैक्षणिक सत्र समाप्त हो चुका है, सरकार ने तबादलों की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। यह कदम छात्रों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
1 से 31 मई तक की अवधि निर्धारित
मध्यप्रदेश में मोहन कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए 1 से 31 मई तक की अवधि निर्धारित की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने नई तबादला नीति 2025 तैयार की है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है और अगले हफ्ते इसे लागू किया जाएगा। पिछले तीन वर्षों से तबादलों पर रोक लगी हुई थी, और आखिरी तबादला नीति 2021-22 में लागू हुई थी। अब, कर्मचारियों को अपनी पसंद के अनुसार पोस्टिंग का विकल्प मिलेगा, जिससे उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव की संभावना बढ़ेगी।
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