आजकल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और डांस रील का ट्रेंड बहुत ही बढ़ गया है। जहां देखो वहां बच्चे कैमरा लेकर एक्टिंग और डांस करते दिख जाते हैं। इस पर अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लड़कियों द्वारा रील बनाए जाने को 'मुजरा' करार दिया है। शास्त्री ने कहा कि, वर्तमान में बेटियों में जो कुठाराघात हो रहा है, जब तक हमारे देश की बेटियां अपने अस्तित्व को नहीं समझेंगी और रील पर, मोबाइल पर मुजरा बंद नहीं करेंगी तब तक भारतीय संस्कृति का बचना बहुत मुश्किल है।
हमारी बहन-बेटियों को रणचंडी बनना होगा
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे अपने इस बयान में यह भी कहा कि, हमारी बहन-बेटियों को रणचंडी बनना होगा, रानी लक्ष्मीबाई के आदर्शों को पढ़ना, समझना होगा और इसका पालन करना होगा। अपने आदर्शों को स्थापित करने के लिए उन्हें जगना होगा। उन्होंने आगे कहा कि, हम तो साधु हैं, केवल कह सकते हैं, प्रेरणा दे सकते हैं, चलना तो भारत के लोगों को ही पड़ेगा। इसके अलाबा शास्त्री ने कहा कि, धर्म दंड के नीचे राजनीति चलती है, राजनीति से धर्म नहीं चलता औऱ राजसत्ता अपने को महान और धर्म को नीचे बताता है, उस राजसत्ता, उस नेता और उस राजनीति का भी विनाश होगा।
धर्म से राजनीति चलती है, राजनीति से धर्म नहीं चलता
उन्होंने आगे यह भी कहा कि, इसलिए भारत की राजनीति में रहने वाले लोग यह बात जान लें कि, धर्म से राजनीति चलती है, राजनीति से धर्म नहीं चलता। इसके अलावा इंदौर में नाइट कल्चर पर भी शास्त्री ने अपनी बात रखी है। बाबा ने कहा कि, नाइट कल्चर तो निशाचरों की परंपरा है और इंदौर में निशाचर नहीं रहते। इंदौर मां अहल्या की नगरी जो भगवान शिव की उपासक थीं। इस नाइट कल्चर से संस्कृति भी खराब हो गई, यहां की पवित्रता भी दाग लगेगा और क्राइम भी बढ़ेगा।
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