भोपाल, मध्य प्रदेश में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों की भारी कमी है। इससे शासन और कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है। राज्यसभा में 12 दिसंबर को केंद्र सरकार ने यह जानकारी दी। 1 जनवरी 2024 तक मध्य प्रदेश में 66 आईएएस, 40 आईपीएस और 81 आईएफएस अधिकारियों की कमी है। यह कमी स्वीकृत पदों और कार्यरत अधिकारियों की संख्या के अंतर से पता चलती है।
ये हैं दो मुख्य कारण
वहीं, कमी के दो मुख्य कारण हैं। स्वीकृत संख्या से कम अधिकारी कार्यरत हैं और कई अधिकारी केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। इससे एक अधिकारी को कई विभागों का प्रभार मिल जाता है। इससे काम पर ध्यान कम हो जाता है और जमीनी स्तर पर अनियमितता की आशंका बढ़ जाती है।
किसके कितने पद हैं खाली
दरअसल, मध्य प्रदेश में आईएएस के 459 पद हैं, इनमें 66 खाली हैं। आईपीएस के 319 पद हैं, इनमें 48 खाली हैं। आईएफएस के 296 पद हैं, इनमें 81 खाली हैं।
अधिकारियों की कमी है गंभीर समस्या
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है। राज्य में आईएएस अधिकारियों के 459 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 393 अधिकारी ही कार्यरत हैं। आईपीएस के 319 पदों के मुकाबले 271 और आईएफएस के 296 पदों के मुकाबले केवल 215 अधिकारी ही काम कर रहे हैं। इन तीनों सेवाओं में आईएफएस में सबसे ज़्यादा कमी है, उसके बाद आईएएस और फिर आईपीएस में। यह कमी राज्य के शासन और प्रशासन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
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