बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। मानसून द्रोणिका भी मध्यप्रदेश के मंडला से होकर जा रही है। अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। शेष क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।
गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक खरगोन में नौ, रीवा में सात, टीकमगढ़ में छह, खजुराहो में चार, ग्वालियर में एक, सिवनी में 0.4, सतना में 0.2 मिलीमीटर बारिश हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में आध्र प्रदेश और उससे लगे ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके दो दिन में उत्तर दिशा में आगे बढ़कर पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तरी ओडिशा पर पहुंचकर अवदाब के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। मानसून द्रोणिका सूरतगढ़, रोहतक, उरई, मंडला से होते हुए बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र तक बनी हुई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उससे लगे हरियाणा पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर मणिपुर तक एक द्रोणिका बनी हुई है। राजस्थान के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त जम्मू एवं उससे लगे पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। मानसून द्रोणिका भी मध्यप्रदेश के मंडला से होकर जा रही है। अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। शेष क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।
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