छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने नियमित शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बीच उन्नत वेतन पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।इस समझौते के तहत नियमित कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं और व्यापक बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। यह एमओयू 10 फरवरी 2026 को वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल के अंचल प्रबंधक वी. वेंकटेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ।इस करार के अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वेतन खाता संचालित करने वाले सभी नियमित शासकीय कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ से जोड़ा जाएगा।
योजना के तहत कर्मचारियों को निःशुल्क एवं उन्नत बैंकिंग सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें विशेष प्रकार के खाते, रियायती दरों पर बैंकिंग सुविधाएं और अतिरिक्त वित्तीय लाभ शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और उनके भविष्य की योजनाओं को स्थिरता मिलेगी।
दुर्घटना बीमा में 1.25 करोड़ रुपये तक का कवर
एमओयू के तहत खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना की स्थिति में 1.25 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा।
हवाई दुर्घटना की स्थिति में 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। स्थायी पूर्ण विकलांगता की दशा में भी 1.25 करोड़ रुपये तक की सुरक्षा मिलेगी। इसके अतिरिक्त 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस भी शामिल है।
इस वेतन पैकेज में स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया गया है। कर्मचारियों को ‘गोल्डन आवर’ के तहत 1 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध होगी।
सामाजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेटियों की शादी के लिए 10 लाख रुपये तक तथा बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।
अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ
खाताधारक कर्मचारियों को वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य बैंकिंग सुविधाएं भी इस पैकेज में शामिल हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना है।
यह पहल राज्य के नियमित कर्मचारियों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में हजारों कर्मचारियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।