रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जेलों में पिछले चार वर्षों के दौरान 285 कैदियों की मौत के मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीर रुख अपनाया है। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और डीजी जेल को नोटिस जारी किया है।
NHRC ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि यदि रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला हो सकता है।
चार साल में 285 कैदियों की मौत
रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ की जेलों में पिछले चार वर्षों में कुल 285 कैदियों की मौत हुई है। इनमें सबसे अधिक 90 मौतें वर्ष 2022 में दर्ज की गईं। वहीं, जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच 66 कैदियों की मौत सामने आई है।
सरकार ने बताई मौत की वजह
राज्य सरकार ने विधानसभा में इन मौतों का कारण आत्महत्या और पुरानी बीमारियों को बताया है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में मौतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं और जेलों की स्थिति पर चिंता जताई जा रही है।
ओवरक्राउडिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
NHRC ने अपनी नोटिस में खास तौर पर जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या (ओवरक्राउडिंग), डॉक्टरों के खाली पद और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर जानकारी मांगी है। आयोग ने यह भी पूछा है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।