केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस को 32 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई हैं। इन हाईटेक वैन के जरिए अब गंभीर अपराधों की जांच और वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी। प्रत्येक वैन को आधुनिक तकनीकों और फोरेंसिक उपकरणों से लैस किया गया है।
रायपुर में दो मोबाइल फोरेंसिक वैन को दिखाई गई हरी झंडी
राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दो मोबाइल फोरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर डॉ. संजीव शुक्ल के साथ सुशील द्विवेदी और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
गंभीर अपराधों की जांच होगी और मजबूत
करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार प्रत्येक मोबाइल फोरेंसिक वैन का मुख्य उद्देश्य गंभीर अपराधों के मामलों में फोरेंसिक लैब को सीधे घटनास्थल तक पहुंचाना है। इससे घटनास्थल से मिलने वाले अहम सबूत समय पर सुरक्षित किए जा सकेंगे और उनके नष्ट होने की संभावना कम होगी।
वैन में मौजूद हैं अत्याधुनिक फोरेंसिक उपकरण
इन मोबाइल फोरेंसिक वैन में क्राइम सीन प्रिजर्वेशन किट, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नारकोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फोरेंसिक सपोर्ट और हाई क्वालिटी फोटोग्राफी जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा बुलेट होल स्क्रीनिंग और बैलिस्टिक जांच किट भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे अपराध जांच में वैज्ञानिक सटीकता बढ़ेगी।
अपराध जांच में मिलेगी नई तकनीकी ताकत
छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए शुरू की गई यह पहल अपराध जांच व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मोबाइल फोरेंसिक वैन के जरिए पुलिस अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर सकेगी, जिससे केस सुलझाने में तेजी आने की उम्मीद है।