छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर रायपुर के घासीदास संग्रहालय में मुस्लिम समाज के प्रबुद्धजनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता, कानून विशेषज्ञ, उलेमा, मुफ्ती, शहर काजी, इस्लामिक स्कॉलर्स और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
UCC के विभिन्न पहलुओं पर हुआ मंथन
बैठक में समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसका मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समाज की ओर से एक सकारात्मक, संवैधानिक और तथ्यात्मक सुझाव-पत्र तैयार करना रहा, जिसे UCC से संबंधित समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
निकाह से लेकर तलाक और भरण-पोषण पर चर्चा
बैठक में मुस्लिम विवाह, निकाह, मेहर, तलाक, भरण-पोषण और पारिवारिक कानून से जुड़े विषयों पर प्रारंभिक विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही उत्तराधिकार, वसीयत, बच्चों और महिलाओं के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी।
राज्य स्तरीय समिति गठित करने का फैसला
बैठक में निर्णय लिया गया कि UCC को लेकर राज्य स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति छत्तीसगढ़ के सभी संभागों और जिलों में समाज के प्रबुद्धजनों, उलेमा, अधिवक्ताओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों से राय-मशवरा करेगी।
संभाग और जिलों से लिए जाएंगे सुझाव
राज्य स्तरीय समिति के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकें और संवाद आयोजित कर सुझाव जुटाए जाएंगे। इन सुझावों में कानून विशेषज्ञों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों की राय को शामिल करने की बात कही गई है, ताकि UCC से जुड़े विषयों पर व्यापक और तथ्यात्मक पक्ष सामने रखा जा सके।
कानून विशेषज्ञ और उलेमा मिलकर तैयार करेंगे दस्तावेज
बैठक में तय किया गया कि विभिन्न संभागों और जिलों से प्राप्त सुझावों को कानून विशेषज्ञों और उलेमा की संयुक्त टीम व्यवस्थित करेगी। इसके बाद तैयार सुझाव-पत्र को UCC समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
शरीयत और संवैधानिक दृष्टिकोण पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि शरीयत में न्याय, महिलाओं के आर्थिक अधिकार, उत्तराधिकार और सामाजिक संतुलन जैसे पहलुओं को संवैधानिक दृष्टिकोण के साथ समिति तक पहुंचाया जाएगा। उद्देश्य यह है कि इन विषयों पर तथ्यों और कानून के आधार पर रचनात्मक तरीके से अपनी बात रखी जाए।
विरोध के बजाय रचनात्मक संवाद की अपील
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि UCC जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विरोध के बजाय रचनात्मक संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समाज के प्रतिनिधियों ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने और सुझावों के माध्यम से विषय पर सकारात्मक चर्चा आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मोहम्मद सिराज ने किया बैठक का संचालन
बैठक का संचालन ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष मोहम्मद सिराज ने किया। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने UCC से जुड़े विभिन्न कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर आगे भी व्यापक स्तर पर चर्चा जारी रखने की बात कही।