रीवा, मध्य प्रदेश की सरकार चहुंओर निवेश के लिए काम कर रही हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में निवेशकों को लुभाने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रहा है। इसके सुखद परिणाम भी आ रहे हैं। बुधवार को रीवा में रिजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का समापन हुआ है। इस दौरान 30,814 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में निवेश आने से विंध्य क्षेत्र में नौकरियों की बारिश होगी। 27,000 से अधिक लोगों को नई नौकरियां प्राइवेट सेक्टर में मिलेंगी।
4000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा
इस इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 4,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। इसमें 10 राज्यों से आए निवेशकों ने सहभागिता दिखाई है। विंध्य क्षेत्र में निवेश की रुचि रखने वाले अधिकांश निवेशकों की दिलचस्पी खनन, खनिज, नवीकरणीय उर्जा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं पर्यटन क्षेत्र के उद्योगपति हैं। इन लोगों को एमपी में निवेश की दिलचस्पी थी।
ये हैं बड़े निवेश
दरअसल, पतंजलि ग्रुप ने रीवा में उद्योग की स्थापना के लिए जमीन चिह्नित कर ली है। कृषि के क्षेत्र में किसानों को कौशल विकास देने की बात कही है। साथ ही उज्जैन में हेल्थ और वेलनेस सेंटर स्थापित करने का आश्वासन दिया है। पतंजलि ग्रुप मध्य प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में करीब 1000 करोड़ रुपए निवेश का भरोसा दिया है।
वहीं, डालमिया ग्रुप ने रीवा में 4 मिलियन टन क्लिंकर और सीमेंट फैक्ट्री स्थापित करने की घोषणा की है। इसमें 3 हजार करोड़ का निवेश होगा। यह दुनिया का पहला 100 फीसदी अक्षय उर्जा आधारित सीमेंट संयंत्र होगा।
31,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए
साथ ही रामा ग्रुप ने सतना जिले में 500 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। एमपी सरकार की तरफ से कहा गया है कि रीवा में कुल 31,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इन प्रस्तावों में वृहद् उद्योग, एमएसएमई, खनिज और अन्य सेक्टर में लगभग 31,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
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