खरीफ फसल इस वर्ष शुरुआत से ही प्राकृतिक आपदा और कीटों से प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को घाटा उठाना पड़ेगा। अधिक बारिश के बाद फसलों में जो भी फलियां बची हैं वह सफेद मक्खी के प्रकोप से झडऩे लगी हैं, जिससे कुछ भी हाथ में नहीं आएगा।
क्षेत्र में किसानों ने बड़े रकबे में सोयाबीन की बोवनी की है और लाखों रुपए की लागत लगाई है, लेकिन फसलों की हालत देखकर आंसू निकल रहे हैं। फसल पर सफेद मक्खी का प्रकोप बढ़ गया है, जो फसल का रस चूस रही है और फसल के सूखने से फलियां झडऩे लगी हैं। किसान दवाओं का छिड़काव भी कर रहे हैं, लेकिन असर कुछ नहीं हो रहा है। किसानो ने बताया कि करीब पचास एकड़ में सोयाबीन की बोवनी की है और पहले लगातार बारिश के कारण फसल प्रभावित हुई, जिससे कम फलियां आई हैं। इसके बाद अब सफेद मक्खी फसल को नुकसान पहुंचा रही है। मक्खी के कारण फसल सूख रही है और फलियां गिरने लगी हैं। फसल को बचाने हजारों रुपए की दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, लेकिन ज्यादा असर नहीं दिख रहा है।
ज्यादा बारिश से बढ़े कीट
पहले बारिश से हो चुका है नुकसान और अब कीटों का प्रकोप, कीटनाशक दवाओं का भी नहीं हो रहा असर
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