रायपुर: सक्ती जिले के जैजेपुर में चल रहे रामनामी मेला में आये श्री गुलाराम रामनामी ने बताया कि रामलला की प्राणप्रतिष्ठा की जानकारी 150 साल पहले हमारे पूर्वजों ने दे दी थी। उन्होंने बताया कि अद्भुत संयोग है कि श्रीराम के भव्य मंदिर में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा इस समय हो रही है। पता नहीं क्या है इस तारीख में जो पंडित बता रहे हैं, वही हमारे पूर्वजों ने भी बताई।
गुलाराम और उनके साथी बताते हैं कि पूर्वजों की कही बात पूरा होने से हम लोग बहुत खुश हैं। रामनामी मेले के बारे में बताते हुए खम्हरिया से आये श्री मनहरण रामनामी ने बताया कि हर साल इसी तिथि में मेले का आयोजन होता है। एक साल महानदी के इस पार और एक बार महानदी के उस पार। मनहरण ने बताया कि 150 साल पहले से हम लोग भजन गाते आये हैं। पहले छोटे भजन गाते थे। 15 साल से बड़े भजन की शुरूआत हुई।
रामनामी राम के नाम के उपासक हैं। रामनामियों ने कहा कि किसी भी रूप में राम को भजो, चाहे गेरुवा पहन कर भजो, चाहे मुंडन कराओ लेकिन भेदभाव न करो। छलकपट न करो। यही उनका संदेश है।
रामनामी मेले में श्री गुलाराम रामनामी ने रामलला की प्राणप्रतिष्ठा की जानकारी दी। जैजेपुर में हर साल मेला होता है, जहां महानदी के तट पर रामनामी आयोजित होती है
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