रतलाम जिले के जावरा में एक बुजुर्ग विधवा महिला को अपनी पेंशन के लिए पिछले 6 महीनों से नगर पालिका के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ा। लाठी के सहारे चलने वाली महिला कड़क धूप में भी दफ्तर-दफ्तर भटकती रही, लेकिन उसे कहीं से राहत नहीं मिली।
प्रशासन की लापरवाही आई सामने
जांच में सामने आया कि महिला की पेंशन बैंक खाते की KYC पूरी न होने के कारण रुकी हुई थी। हैरानी की बात यह है कि समय रहते महिला को इसकी जानकारी नहीं दी गई, जिसके चलते उसे महीनों तक परेशान होना पड़ा।
मीडिया के संज्ञान में आया मामला
जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने अब आश्वासन दिया है कि अप्रैल माह में महिला की पेंशन जारी कर दी जाएगी।
सिस्टम की संवेदनहीनता पर उठे सवाल
यह घटना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता और लापरवाही को उजागर करती है। सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक सही समय पर नहीं पहुंच पाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय पर जानकारी और सहायता मिलती, तो बुजुर्ग महिला को इस तरह परेशान नहीं होना पड़ता।