मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले से गैस संकट की एक चौंकाने वाली जमीनी हकीकत सामने आई है, जिसने प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर अधिकारियों द्वारा पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध होने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोग गैस सिलेंडर के लिए परेशान हैं। इसी समस्या से जूझ रहे ओरछा के आजादपुरा निवासी सुनील राजपूत ने अपनी बात रखने के लिए अनोखा तरीका अपनाते हुए खाली गैस सिलेंडर कंधे पर रखकर जनसुनवाई में कलेक्टर कार्यालय तक पैदल पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की परेशानी को दर्शाती है, बल्कि पूरे इलाके में व्याप्त गैस किल्लत की सच्चाई को उजागर करती है।
निवाड़ी में गैस संकट की जमीनी हकीकत, कंधे पर सिलेंडर लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा युवक
जनसुनवाई में अनोखे तरीके से उठाई समस्या निवाड़ी जिले में बढ़ती गैस किल्लत के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ओरछा के आजादपुरा निवासी सुनील राजपूत अपनी समस्या को लेकर साप्ताहिक जनसुनवाई में खाली गैस सिलेंडर कंधे पर उठाकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलते हुए उन्होंने यह अनोखा विरोध दर्ज कराया। सुनील का कहना है कि कई दिनों से उन्हें गैस नहीं मिल रही है और एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद हर बार निराशा ही हाथ लगती है। मजबूरी में उन्हें अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने के लिए यह तरीका अपनाना पड़ा।
प्रशासन के दावों पर उठे सवाल, जनता परेशान
घटना के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने हमेशा की तरह यह दावा दोहराया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। आम लोग सिलेंडर के लिए भटकने को मजबूर हैं, जिससे प्रशासन के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की परेशानी को दर्शाती है, बल्कि पूरे जिले में व्याप्त गैस संकट को उजागर करती है, जिस पर अब ठोस कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है।