राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर तीन महीने के विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की है।
अभियंताओं और विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में राजमार्ग निर्माण से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, अभियंताओं और विषय विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
पिछले कार्यों की समीक्षा, आगामी लक्ष्यों पर चर्चा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी लक्ष्यों और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। आयोजन में राजमार्ग निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधि, प्राधिकरण के अभियंता, दल प्रमुख, विषय विशेषज्ञ और ठेका विशेषज्ञ बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सत्यनिष्ठा और गुणवत्ता को बताया सफलता की आधारशिला
मुख्य सतर्कता अधिकारी आशीष नाथ ने कहा कि सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और गुणवत्ता किसी भी परियोजना की सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों से समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
राजमार्गों से जुड़ी है सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास
क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केवल यातायात का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनसे सड़क सुरक्षा, निवेश और क्षेत्रीय विकास भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बेहतर डिजाइन, प्रभावी प्रबंधन और आधुनिक सुरक्षा उपायों के जरिए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर दिया।
राज्य सरकार और पुलिस के सहयोग से निगरानी
आलोक कुमार ने बताया कि राज्य सरकार और पुलिस आयुक्तालय के सहयोग से राष्ट्रीय राजमार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है। दुर्घटनाओं को रोकने के साथ-साथ राजमार्गों पर गौवंश की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
2026 में दुर्घटनाओं में आई कमी
अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। इसे सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों के सकारात्मक परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।
तकनीकी सत्रों में सड़क सुरक्षा पर मंथन
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, गुणवत्ता नियंत्रण और जवाबदेही से जुड़े विभिन्न तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण को लेकर जरूरी उपायों और चुनौतियों पर चर्चा की।