कोलकाता: देशभर में NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक को लेकर पहले से ही विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र और आम लोग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। इसी बीच NEET-UG परीक्षा के अंकों में कथित हेराफेरी का मामला अब कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंच गया है। एक परीक्षार्थी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर OMR शीट में गड़बड़ी और लगभग 370 अंकों के अंतर का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है। मामले को स्वीकार करते हुए अदालत ने NTA से जवाब तलब किया है।
OMR शीट में 370 अंकों की हेराफेरी का आरोप
याचिकाकर्ता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ NEET-UG परीक्षा के अंकों में लगभग 370 अंकों की हेराफेरी का आरोप लगाया है। परीक्षार्थी का दावा है कि उसकी OMR (ऑटोमॉर्फिक मार्कशीट) परीक्षा की उत्तर कुंजी से मेल नहीं खाती। उसके अनुसार, उत्तरों के आधार पर उसे लगभग 659 से 661 अंक मिलने की उम्मीद थी। लेकिन NTA द्वारा परिणाम घोषित किए जाने के बाद उसे केवल 289 अंक मिले। इसी बड़े अंतर को आधार बनाकर परीक्षार्थी ने OMR में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। याचिका में कहा गया है कि परिणाम और OMR के बीच स्पष्ट विसंगति दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर अब मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचा है।
NTA को शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने इस पूरे मामले की जानकारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को कई बार दी। इसके बावजूद उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। परीक्षार्थी का आरोप है कि बार-बार संपर्क करने के बाद भी उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने दोबारा OMR सत्यापन कराने के लिए आवेदन किया। जब वहां से भी कोई समाधान नहीं निकला तो उसने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। याचिका में OMR की दोबारा जांच की मांग की गई है। इसी आधार पर अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार किया।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने NTA से मांगा जवाब
मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा है। अदालत ने निर्देश दिया है कि एजेंसी इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करे। याचिका में लगाए गए आरोपों को देखते हुए अदालत ने NTA से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। न्यायालय यह जानना चाहता है कि अंकों में इतना बड़ा अंतर कैसे आया। अदालत के समक्ष OMR सत्यापन से जुड़े मुद्दे भी रखे गए हैं। मामले को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने एजेंसी से जल्द जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले पर आगे की कार्रवाई NTA के जवाब के बाद होगी।
मंगलवार को होगी मामले की अगली सुनवाई
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की अदालत में हुई। न्यायमूर्ति ने आदेश दिया कि मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को की जाएगी। उस दिन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को यह बताना होगा कि अंकों में कथित गड़बड़ी क्यों हुई। न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने कहा कि वकालत की प्रक्रिया जारी है। इसलिए न्यायालय NTA से जल्द से जल्द अपना बयान प्रस्तुत करने की अपेक्षा करता है। अदालत अब एजेंसी के जवाब का इंतजार करेगी। अगली सुनवाई में इस मामले पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।