आशा भोसले की सुरीली आवाज ने दशकों तक भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत दिए हैं और अब उनकी आवाज एक बार फिर बड़े पर्दे से जुड़ने जा रही है। उनकी बतौर पार्श्व गायिका रिकॉर्ड की गई आखिरी फीचर फिल्म का गीत आगामी नाटक-कॉमेडी फिल्म ‘ओम का हरि’ में सुनाई देगा। ‘ऐ मेरी जिंदगी, तू छुपी है कहां’ नामक इस गीत को आशा भोसले ने 2023 में रिकॉर्ड किया था। खास बात यह है कि उस समय वह 90 वर्ष से अधिक उम्र की थीं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी आवाज की मिठास और भावनात्मक गहराई ने गीत को खास बना दिया।
जन्मदिन पर ही होगा गीत का अनावरण
‘ऐ मेरी जिंदगी, तू छुपी है कहां’ को 8 सितंबर को रिलीज किया जाएगा, जो आशा भोसले की जयंती भी है। फिल्म के निर्माताओं ने इस तारीख को केवल गीत के प्रचार के लिए नहीं, बल्कि महान गायिका की विरासत को सम्मान देने के अवसर के रूप में चुना है। फिल्म के निर्देशक हरीश व्यास का कहना है कि जन्मदिन पर गीत जारी करना आशा भोसले की कालजयी आवाज और उनके विशाल संगीत योगदान का उत्सव है। उनके मुताबिक, उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों के श्रोताओं के जीवन को प्रभावित किया है और यह गीत भी उसी विरासत की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आएगा।
अनशुमन झा के लिए बेहद भावुक अनुभव
‘ओम का हरि’ में मुख्य भूमिका निभा रहे अनशुमन झा के लिए आशा भोसले की आवाज फिल्म का हिस्सा बनना बेहद खास अनुभव है। फिल्म की कहानी पिता-पुत्र के रिश्ते और उन भावनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है जिन्हें कई बार लोग अपने करीबियों से कह नहीं पाते। अनशुमन के मुताबिक, फिल्म उनके लिए इसलिए भी बेहद निजी और महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पिता से ‘आई लव यू’ कहने की अहमियत को सामने लाती है। वह खुद अपने पिता से यह बात कहने का अवसर नहीं पा सके थे, इसलिए आशा भोसले की आवाज में फिल्म की भावनात्मक अभिव्यक्ति उनके लिए बेहद गहरी याद बन गई है।
स्टूडियो में आशा भोसले के साथ बिताया यादगार समय
अनशुमन झा ने आशा भोसले के साथ स्टूडियो में बिताए समय को अपने कलात्मक जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक बताया है। उनके मुताबिक, उनके साथ स्टूडियो में मौजूद रहना अपने आप में आनंद और संतोष से भरा अनुभव था। वह चाहते थे कि आशा भोसले आज उनके साथ व्यक्तिगत रूप से इस गीत की रिलीज का जश्न मनातीं। हालांकि, उनका मानना है कि महान गायिका की मौजूदगी उनकी आवाज, संगीत और उन सभी लोगों की यादों में हमेशा बनी रहेगी, जिनके जीवन को उन्होंने अपनी गायकी से छुआ है। यही भावना इस गीत को सामान्य फिल्मी गीत से कहीं अधिक खास बना रही है।
पिता-पुत्र के रिश्ते पर आधारित है फिल्म
हरीश व्यास के निर्देशन में बनी ‘ओम का हरि’ एक नाटक-कॉमेडी फिल्म है, जिसकी कहानी पिता और बेटे के रिश्ते को केंद्र में रखती है। फिल्म भावनात्मक जुड़ाव, पारिवारिक संबंधों और उन अनकहे एहसासों को सामने लाने की कोशिश करती है जिन्हें अक्सर लोग अपने प्रियजनों से साझा नहीं कर पाते। ऐसे विषय के लिए आशा भोसले जैसी महान गायिका की आवाज का इस्तेमाल फिल्म की भावनात्मक अपील को और गहरा करता है। गीत को फिल्म के उस भावनात्मक संसार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जहां रिश्तों और भावनाओं को शब्दों से ज्यादा संगीत के जरिए व्यक्त किया जाता है।
संगीत के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी आशा भोसले
आशा भोसले का संगीत सफर भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। अलग-अलग दौर, भाषाओं और संगीत शैलियों में उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरा और कई पीढ़ियों के श्रोताओं को प्रभावित किया। ‘ऐ मेरी जिंदगी, तू छुपी है कहां’ का रिलीज होना उनके प्रशंसकों के लिए इसलिए भी भावुक अवसर होगा क्योंकि यह उनकी आखिरी रिकॉर्ड की गई फीचर फिल्म की पार्श्व आवाज के रूप में सामने आ रहा है। जन्मदिन के अवसर पर इसका अनावरण उनकी विरासत को याद करने का एक सुंदर तरीका भी माना जा रहा है। उनकी आवाज के साथ यह गीत एक बार फिर यह एहसास कराएगा कि सच्चा संगीत कलाकार के चले जाने के बाद भी लंबे समय तक जीवित रहता है।