मुंबई: इस वीकेंड ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर मनोरंजन का तड़का लगाने के लिए कई नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं। डार्क कॉमेडी से लेकर पीरियड ड्रामा तक, दर्शकों के पास देखने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें सबसे प्रमुख आकर्षण निर्देशक निखिल आडवाणी की बहुप्रतीक्षित पीरियड ड्रामा वेब सीरीज **'द रिवोल्यूशनरीज'** (The Revolutionaries) है। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह सीरीज 11 सितंबर को अमेजन प्राइम वीडियो (Prime Video) पर दुनियाभर में स्ट्रीम होने जा रही है। सीरीज की कहानी भारत के चार युवा स्वतंत्रता सेनानियों की सशस्त्र क्रांति और उनके संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है।
चार महान स्वतंत्रता सेनानियों की कहानी और दमदार स्टारकास्ट
सीरीज में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चार महान क्रांतिकारियों के जीवन और उनके अभियानों को दिखाया गया है। अभिनेता और कंटेंट क्रिएटर भुवन बाम महान क्रांतिकारी रासबिहारी बोस की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं, रोहित सराफ ने शचींद्रनाथ सान्याल, प्रतिभा रांता ने प्रतिभा लाहिड़ी और गुरफतेह पीरजादा ने बाघा जतिन का किरदार निभाया है। इन क्रांतिकारियों ने संवैधानिक और अहिंसक तरीकों के बजाय ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का रास्ता चुना था, जिसकी गूंज बंगाल से लेकर पंजाब तक फैली थी।
प्रतिभा लाहिड़ी के किरदार के लिए ली गई क्रिएटिव छूट
सीरीज में अभिनेत्री प्रतिभा रांता द्वारा निभाए गए प्रतिभा लाहिड़ी के किरदार को लेकर खासा कौतूहल देखा जा रहा है। न्यूज18 से खास बातचीत में निर्देशक निखिल आडवाणी और अभिनेत्री प्रतिभा रांता ने खुलासा किया कि महिला स्वतंत्रता सेनानियों पर ऐतिहासिक दस्तावेजों की कमी के कारण इस किरदार को गढ़ने में कुछ क्रिएटिव छूट (Creative Liberty) ली गई है। आडवाणी ने बताया कि इतिहास की किताबों में महिला क्रांतिकारियों के बारे में कम लिखा गया है। असल इतिहास में प्रतिभा लाहिड़ी काफी छोटी थीं और शचींद्रनाथ सान्याल से उनका विवाह तय हुआ था। हालांकि, शो में एक मजबूत महिला चरित्र दिखाने के लिए उनके किरदार को मैडम भीकाजी कामा, नलिनी बाला देवी, एनी बेसेंट और झांसी की रानी जैसी प्रमुख महिला हस्तियों से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है।
किरदारों के लुक में आधुनिक प्रयोग पर निर्देशक की सफाई
'कल हो ना हो' और 'बाटला हाउस' जैसी हिट फिल्मों का निर्देशन कर चुके निखिल आडवाणी ने स्वतंत्रता सेनानियों के लुक और पहनावे में किए गए बदलावों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि रासबिहारी बोस का स्क्रीन लुक असल तस्वीरों से पूरी तरह मेल नहीं खाता, बल्कि उन्हें थोड़ा आधुनिक (मॉडर्न) लुक दिया गया है। आडवाणी के अनुसार, उनका उद्देश्य इन क्रांतिकारियों को उस दौर के 'गेम-चेंजर' और नायक के रूप में प्रस्तुत करना था। हालांकि, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि ऐतिहासिक तथ्यों की गरिमा बनी रहे और अनुशीलन समिति व बनारस के अखाड़े जैसे वास्तविक संदर्भों को बरकरार रखा जाए।