आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना आम हो गया है। ऑफिस में कंप्यूटर के सामने लंबे समय तक बैठना, वर्क फ्रॉम होम, टीवी देखना या मोबाइल पर लगातार समय बिताना अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। पहले माना जाता था कि लंबे समय तक बैठे रहने से मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है, लेकिन अब एक नई रिसर्च में कैंसर से जुड़ा बड़ा दावा सामने आया है।
यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि यदि कोई व्यक्ति बिना उठे लगातार 30 मिनट या उससे अधिक समय तक बैठा रहता है, तो उससे कैंसर से मौत का जोखिम बढ़ सकता है। यह अध्ययन मेडिकल जर्नल PLOS Medicine में प्रकाशित हुआ है।
91 हजार लोगों पर 12 साल तक हुई स्टडी
शोध में यूके बायोबैंक से जुड़े 91 हजार से अधिक लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। प्रतिभागियों को एक सप्ताह तक कलाई पर पहनने वाला एक्टिविटी ट्रैकर दिया गया, जिससे उनकी वास्तविक शारीरिक गतिविधि और लगातार बैठे रहने की अवधि रिकॉर्ड की गई। इसके बाद करीब 12 वर्षों तक उनकी सेहत पर निगरानी रखी गई। रिसर्च में सामने आया कि जो लोग दिनभर में बार-बार 30 मिनट या उससे अधिक समय तक लगातार बैठे रहे, उनमें कैंसर से मृत्यु का खतरा अपेक्षाकृत अधिक देखा गया।
हर अतिरिक्त घंटे से बढ़ सकता है जोखिम
अध्ययन के अनुसार, लगातार बैठे रहने का हर अतिरिक्त एक घंटा कैंसर से मौत के जोखिम को लगभग 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि पूरे दिन कुल कितने घंटे बैठे, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति बिना उठे कितनी देर तक लगातार बैठा रहा।
बीच-बीच में चलना जोखिम घटा सकता है
रिसर्च में यह भी पाया गया कि यदि लंबे समय तक बैठे रहने के बीच हल्की-फुल्की गतिविधि की जाए तो जोखिम कम हो सकता है।
लगातार बैठने की बजाय कुछ मिनट टहलने या हल्की गतिविधि करने से जोखिम करीब 12% तक कम हो सकता है।
लगभग 30 मिनट की तेज चाल से वॉक करने पर जोखिम में करीब 8% कमी देखी गई।
सिर्फ 5 मिनट की तेज एक्सरसाइज भी कैंसर से मौत के खतरे को लगभग 22% तक घटाने से जुड़ी पाई गई।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
स्टडी का नेतृत्व करने वाले डॉ. फ्रेडरिक हो के अनुसार, लोगों को केवल रोजाना व्यायाम करने पर ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत को भी बदलना होगा। यदि कोई व्यक्ति जिम नहीं जा सकता, तब भी हर 30 मिनट में कुछ मिनट उठकर चलना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियां कम सक्रिय हो जाती हैं। इससे ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ सकता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकती है और शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
रिसर्च की अहम बात
शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन केवल एक संबंध (Association) दिखाता है। इससे यह साबित नहीं होता कि लंबे समय तक बैठना सीधे कैंसर से मौत का कारण बनता है। हालांकि, नियमित रूप से बीच-बीच में उठकर चलना और शारीरिक गतिविधि बढ़ाना बेहतर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।