नई दिल्ली- इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक नई स्टडी ने भारतीयों की हृदय स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अध्ययन के मुताबिक, देश में लगभग 10 में से 9 वयस्कों का कोलेस्ट्रॉल स्तर सामान्य नहीं है। यह समस्या केवल बुजुर्गों या मोटापे से जूझ रहे लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा और सामान्य वजन वाले लोग भी बड़ी संख्या में इसकी चपेट में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच और जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ सकता है।
23 हजार से अधिक लोगों पर हुई स्टडी
ICMR की यह स्टडी 23,665 लोगों पर की गई, जिसमें पाया गया कि 87.3 प्रतिशत भारतीय वयस्क किसी न किसी प्रकार की डिस्लिपिडेमिया (असामान्य रक्त वसा) से पीड़ित हैं। कई लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ा हुआ मिला, जबकि अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर सामान्य से कम पाया गया। यह स्थिति लंबे समय में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा सकती है।
महिलाओं और युवाओं में ज्यादा खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में 91.1 प्रतिशत और पुरुषों में 83.5 प्रतिशत लोगों का कोलेस्ट्रॉल स्तर असामान्य पाया गया। वहीं, 30 से 39 वर्ष की उम्र के लोगों में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिली। इससे स्पष्ट होता है कि कम उम्र में भी हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
शहरों के साथ गांव भी चपेट में
अध्ययन में पाया गया कि शहरी क्षेत्रों में 89 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 86.5 प्रतिशत लोगों में कोलेस्ट्रॉल की गड़बड़ी मौजूद है। यानी अब यह समस्या केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि गांवों में भी तेजी से फैल रही है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
फिट दिखना स्वस्थ होने की गारंटी नहीं
स्टडी की सबसे अहम बात यह रही कि करीब 40 प्रतिशत ऐसे लोगों में भी कोलेस्ट्रॉल असामान्य पाया गया, जिन्हें न मोटापा था, न डायबिटीज और न ही हाई ब्लड प्रेशर। इससे साफ है कि केवल सामान्य वजन या फिट दिखना दिल के पूरी तरह स्वस्थ होने की गारंटी नहीं है।
बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना जरूरी है। इस जांच से कुल कोलेस्ट्रॉल, HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर पता चलता है। यदि शुरुआती चरण में समस्या का पता चल जाए तो संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से दूरी और जरूरत पड़ने पर दवाओं की मदद से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है।