ढाका: बांग्लादेश में वर्ष 2024 के तख्तापलट और शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच उपजे कूटनीतिक तनाव के बीच सोमवार को ढाका में एक सकारात्मक पहल देखी गई। भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका स्थित प्रधानमंत्री सचिवालय में बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान से सौजन्य मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी के साथ हुई इस बातचीत को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
बातचीत से निकलेगा समस्याओं का समाधान
प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात से पहले भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि जब दो देश आपस में संवाद करते हैं, तो समस्याओं का समाधान आसान हो जाता है। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए विश्वास जताया कि बातचीत के माध्यम से सभी विवाद सुलझा लिए जाएंगे। वहीं, बांग्लादेश सरकार के अधिकारियों ने भी कहा कि उनका देश पारस्परिक सम्मान, गरिमा और साझा हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के साथ संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

इन मुद्दों पर कायम है दोनों देशों में तनाव
उल्लेखनीय है कि शेख हसीना के भारत में रहने और 5 अगस्त के उनके बयानों के बाद बांग्लादेश की नई सरकार असहज महसूस कर रही है। इसके अलावा सीमा पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के 'पुशबैक' और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
द्विपक्षीय रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश
मार्च में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद तारिक रहमान सरकार का झुकाव चीन की ओर अधिक देखा गया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में भारत के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्ते सुधारना बांग्लादेश के लिए आवश्यक माना जा रहा है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और पीएम तारिक रहमान की इस बैठक से दोनों देशों के बीच लंबित विवादों को दूर करने और वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।