Nepal Flood Update:नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद तबाही का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक प्रभावित इलाकों से 359 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 132 शव चितवन जिले से मिले हैं। बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण उन्हें सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय स्तर पर भी मुश्किलें सामने आ रही हैं।
चितवन में शव रखने की जगह का संकट
चितवन जिले में बाढ़ के बाद अब तक 132 शव बरामद हो चुके हैं। लगातार शव मिलने के चलते उन्हें सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। चितवन की मॉर्चुरी यानी शवगृह में एक समय में केवल 50 शव रखने की क्षमता है। ऐसे में बरामद शवों की संख्या बढ़ने के साथ प्रशासन के सामने उनके सुरक्षित रखरखाव और संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने की चुनौती भी बनी हुई है।
1500 लापता लोगों की तलाश जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के साथ लापता लोगों की तलाश भी लगातार जारी है। करीब 1,500 लोगों के लापता होने की जानकारी है। नेपाल की सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मुश्किल परिस्थितियों के बीच टीमें लापता लोगों का पता लगाने और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं।
288 भारतीयों से नहीं हो पाया संपर्क
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बनी हुई है। 288 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय भी शामिल हैं। भारतीय नागरिकों की स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
21 भारतीयों को किया गया रेस्क्यू
बाढ़ प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे राहत अभियान के दौरान 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें से 11 लोगों की पहचान हो चुकी है। वहीं, बाकी लापता लोगों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। नेपाल में सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
लाइव अपडेट्स
पूर्व DRDO चीफ समेत 31 तीर्थयात्री तिब्बत में फंसे
पूर्व DRDO प्रमुख जी. सतीश रेड्डी और उनकी पत्नी समेत 31 तीर्थयात्री तिब्बत में फंसे हुए हैं। ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, लेकिन खराब मौसम के चलते उनकी वापसी प्रभावित हुई है। यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें जल्द सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
नेपाल में बाढ़ से 332 मौतें
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा बढ़कर 332 पहुंच गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, गुरुवार शाम 3:50 बजे तक 8 जिलों से इतने शव बरामद किए जा चुके हैं। चितवन में सबसे ज्यादा 121 शव मिले हैं, जबकि पूर्वी नवलपरासी में 74, धादिंग और गोरखा में 29-29, नुवाकोट में 28, तनहुन में 19, रसुवा में 17 और पश्चिमी नवलपरासी में 15 शव बरामद किए गए हैं।
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नेपाल के 8 जिलों से 289 शव बरामद
289 शव मिले, रखने की जगह की चुनौती
नेपाल में रसुवा की बाढ़ के बाद अब तक 289 शव बरामद किए जा चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में शव मिलने के बाद उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती भी सामने आ गई है। चितवन की स्वास्थ्य सुविधाओं में फिलहाल करीब 50 शव रखने की क्षमता बताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों को अस्थायी शवगृह के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रत्येक शव का नंबर, फोटो और पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के साथ जरूरत पड़ने पर फिंगरप्रिंट, दांतों की जांच और DNA टेस्ट से पहचान की जा सकती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पहचान की पुष्टि होने से पहले शव परिजनों को न सौंपे जाएं।
विदेश मंत्रालय बोला- 21 भारतीय सुरक्षित निकाले गए
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में फ्लैश फ्लड से बने हालात के बीच भारत राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव मदद जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि अब तक तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। भारत नेपाल सरकार की मांग के अनुसार राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम बनाया है, जबकि काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी हेल्पलाइन शुरू की गई है। जायसवाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत कर संवेदना जताई और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
तमिलनाडु के 21 यात्री सुरक्षित रेस्क्यू
नेपाल में बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सभी यात्रियों को रेस्क्यू कर लिया गया है। नेपाल में फंसे अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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मलबे से बनी झील में बढ़ रहा पानी
चीनी सरकारी टीवी चैनल CCTV की नई ड्रोन फुटेज में भूस्खलन के मलबे से बनी एक झील दिखाई दी है, जो नेपाल की ओर ग्यिरोंग पोर्ट के पास स्थित बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है और पानी अब किनारों से बाहर निकलने लगा है। अगले तीन दिनों में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने का अनुमान है। ऐसे में मलबे से बना बांध टूटने और अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आने का खतरा बढ़ गया है।
नेपाल ने भारत में बसे नेपाली समुदाय से मांगी मदद
नेपाल में बाढ़ से हुई भारी तबाही के बीच भारत स्थित नेपाली दूतावास ने यहां रह रहे नेपाली समुदाय से आर्थिक सहयोग की अपील की है। दूतावास ने लोगों से प्रधानमंत्री आपदा बचाव कोष और प्रधानमंत्री राहत कोष में योगदान देने को कहा है, जिसके लिए बैंक खातों की जानकारी भी साझा की गई है। सरकार बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और लापता लोगों की तलाश का काम तेज कर दिया गया है। दूतावास के अनुसार, राहत कोष में जमा राशि का इस्तेमाल प्रभावित लोगों की सहायता, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए किया जाएगा।
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नेपाल में बाढ़ पर दलाई लामा ने जताया दुख
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही पर दलाई लामा ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। गुरुवार सुबह जारी बयान में उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के लिए प्रार्थना की और प्रभावित परिवारों के प्रति दुख जताया। दलाई लामा ने कहा कि यह आपदा जलवायु परिवर्तन या किसी अन्य कारण से पैदा हुई गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है। उन्होंने ऐसी प्राकृतिक आपदाओं को भविष्य में रोकने और उनके प्रभाव को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
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NDRF की टीमें स्टैंडबाय पर
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद NDRF की टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई हैं और आदेश मिलते ही उन्हें रवाना किया जा सकता है। NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि फिलहाल भारत की कोई टीम नेपाल नहीं भेजी गई है, लेकिन नेपाल सरकार की ओर से मदद का अनुरोध आने और भारत सरकार की मंजूरी मिलने पर टीमें तुरंत रवाना होंगी। उन्होंने बताया कि भारत पहले ही नेपाल के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री लेकर दो विमान भेज चुका है, जिनमें जरूरी दवाइयां और राहत सामग्री शामिल है।
भारत ने नेपाल को भेजी राहत की दूसरी खेप
नेपाल में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच भारत ने राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी है। भारतीय वायुसेना के विमान से 37.5 टन राहत सामग्री, जरूरी दवाइयां और खाद्य पैकेट नेपाल रवाना किए गए हैं। इससे पहले बुधवार रात C-130J विमान के जरिए 10 टन राहत सामग्री भेजी गई थी। दोनों खेपों को मिलाकर भारत अब तक नेपाल को 47.5 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है। भारत ने कहा है कि वह नेपाल सरकार के संपर्क में है और बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने व बचाव अभियान में हरसंभव सहायता जारी रखेगा।