मैड्रिड/सेउता: उत्तर अफ्रीका में स्थित स्पेन के स्वायत्त शहर सेउता (Ceuta) में मोरक्को सीमा से बड़ी संख्या में प्रवासियों के प्रवेश की कोशिश के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सीमा पार करने के दौरान समुद्र और तटीय क्षेत्र में हुई घटनाओं में कम से कम 18 लोगों की मौत होने की खबर है। स्थिति को नियंत्रित करने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए स्पेन सरकार ने सिविल गार्ड के साथ-साथ सशस्त्र बलों (Armed Forces) की भी तैनाती की है।
समुद्री रास्ते और सीमा से एक साथ प्रवेश की कोशिश
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हजारों प्रवासियों ने मोरक्को से सटे तराझाल (Tarajal) बीच और सीमा पर मौजूद अवरोधों के आसपास से सेउता में दाखिल होने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग तैरकर समुद्र के रास्ते पहुंचे, जबकि कई अन्य चट्टानों और तटीय हिस्सों से आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखाई दिए। भारी भीड़ और अव्यवस्था के बीच कई लोगों के समुद्र में डूबने तथा भगदड़ जैसी स्थिति में जान गंवाने की सूचना है। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग स्पेनिश क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहे।
बढ़ते दबाव के बीच राहत और सुरक्षा अभियान तेज
एक साथ हजारों प्रवासियों के पहुंचने से सेउता में मानवीय संकट गहरा गया है। राहत शिविरों की क्षमता पूरी होने के कारण अनेक लोगों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, को खुले स्थानों और सार्वजनिक इलाकों में अस्थायी रूप से रुकना पड़ रहा है। क्षेत्रीय प्रशासन की मांग पर स्पेन सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और राहत कार्यों में सहायता के लिए सेना को तैनात किया है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के भी स्थिति का जायजा लेने की जानकारी सामने आई है।
यूरोपीय राजनीति में भी बढ़ी हलचल
इस घटनाक्रम का असर यूरोपीय राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। इटली के उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी द्वारा स्पेन की प्रवासन नीति पर टिप्पणी किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद गहरा गया है। स्पेन के विदेश मंत्री होसे मैनुएल अल्बारेस ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए इटली के राजदूत को तलब किया और कहा कि मौजूदा मानवीय संकट से निपटने के लिए यूरोपीय देशों को सहयोग और समन्वय की जरूरत है, न कि सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप की।