आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और काम का दबाव हमारी नींद पर भी असर डालने लगा है। कई बार ऐसा होता है कि शरीर थका हुआ होता है, लेकिन बिस्तर पर जाने के बाद भी आंखों से नींद कोसों दूर रहती है। लोग घंटों करवट बदलते रहते हैं और रात कब बीत जाती है, पता ही नहीं चलता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार दुर्गा सप्तशती में बताया गया एक स्तुति मंत्र मन को शांत करने में सहायक माना जाता है। मान्यता है कि देवी दुर्गा का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस मंत्र का महत्व, इसका जाप कब और कैसे करना चाहिए।
पर्याप्त नींद शरीर और दिमाग दोनों के लिए जरूरी मानी जाती है। लगातार कम नींद लेने से दिनभर थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है। इसका असर एकाग्रता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। काम का दबाव, तनाव और बदलती जीवनशैली कई बार नींद में बाधा बन जाते हैं। कुछ लोगों को बिस्तर पर जाने के बाद काफी देर तक नींद नहीं आती। ऐसे में लोग करवट बदलते रहते हैं और रात का बड़ा हिस्सा जागते हुए गुजर जाता है। धार्मिक मान्यताओं में मन को शांत करने के लिए मंत्र और स्तुति का जाप करने की परंपरा रही है।
दुर्गा सप्तशती में दिया गया है निद्रा से जुड़ा मंत्र
दुर्गा सप्तशती में देवी दुर्गा की स्तुति से जुड़ा एक मंत्र बताया गया है। यह मंत्र गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित दुर्गा सप्तशती के पांचवें अध्याय में मिलता है। इस स्तुति में देवी को सभी प्राणियों में निद्रा यानी नींद के रूप में स्थित बताया गया है। मंत्र के जरिए देवी को बार-बार नमन किया जाता है। मान्यता है कि देवी का ध्यान और स्तुति मन को शांत करने में सहायक हो सकती है। नींद न आने की स्थिति में कुछ लोग इस मंत्र का मन ही मन जाप करते हैं। हालांकि, इसे नींद की समस्या का चिकित्सकीय इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
बिस्तर पर लेटकर भी कर सकते हैं मंत्र का जाप
सिद्धि प्राप्त साधक और भगवती दुर्गा के उपासक डॉ. बिमल नारायण ठाकुर के अनुसार, इस स्तुति मंत्र का जाप बिस्तर पर लेटकर भी किया जा सकता है। चूंकि यह स्तुति मंत्र है, इसलिए इसके जाप के लिए किसी विशेष नियम का पालन जरूरी नहीं बताया गया है। अगर बिस्तर पर जाने के एक-दो घंटे बाद भी नींद नहीं आती है, तो मन ही मन मंत्र का जाप किया जा सकता है। इस दौरान देवी दुर्गा का ध्यान करने की बात कही गई है। मंत्र का जाप करते समय व्यक्ति अपना ध्यान शांत विचारों पर केंद्रित कर सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे मन को शांति मिलने और नींद आने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर अलग हो सकता है और वैज्ञानिक रूप से इसे अनिद्रा का उपचार नहीं माना गया है।
महिला और पुरुष दोनों कर सकते हैं जाप
दुर्गा सप्तशती के इस स्तुति मंत्र का जाप महिला और पुरुष दोनों कर सकते हैं। नींद से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहे लोग भी इसका जाप अपनी श्रद्धा के अनुसार कर सकते हैं। इसके लिए किसी विशेष वर्ग या व्यक्ति तक इसकी सीमितता नहीं बताई गई है। रात में सोने से पहले इसे मन ही मन दोहराया जा सकता है। जाप के दौरान व्यक्ति देवी दुर्गा का ध्यान कर सकता है। इसका उद्देश्य धार्मिक आस्था के अनुसार मन को शांत करना और ध्यान को एक जगह केंद्रित करना है। यदि नींद की परेशानी लगातार बनी रहती है, तो केवल मंत्र पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
दिन में भी किया जा सकता है मंत्र का जाप
इस स्तुति मंत्र का जाप केवल रात के समय ही करना जरूरी नहीं बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्तुति मंत्र के जाप के लिए कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है। इसलिए श्रद्धालु दिन में भी देवी दुर्गा की स्तुति कर सकते हैं। बताया गया है कि भोजन करने के बाद भी देवी की स्तुति की जा सकती है। जाप करते समय व्यक्ति शांत जगह चुनकर कुछ समय ध्यान और प्रार्थना में लगा सकता है। हालांकि, मंत्र जाप को नींद की समस्या का चिकित्सकीय विकल्प नहीं समझना चाहिए। अगर लंबे समय से नींद नहीं आ रही है या तनाव बहुत ज्यादा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
लंबे समय की अनिद्रा को नजरअंदाज न करें
कभी-कभी तनाव या दिनचर्या में बदलाव की वजह से नींद प्रभावित हो सकती है। लेकिन अगर लंबे समय तक नींद की समस्या बनी रहे, तो इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। लगातार अनिद्रा से दिन में थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में अपनी दिनचर्या और सोने-जागने के समय पर भी ध्यान देना चाहिए। रात में सोने से पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना भी मददगार हो सकता है। अगर समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। मंत्र जाप को धार्मिक और मानसिक शांति के एक उपाय के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन गंभीर समस्या में चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।