महिलाओं में आमतौर पर मेनोपॉज 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच होता है, लेकिन अगर यह 40 वर्ष से पहले हो जाए, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता। हाल ही में जामा कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस विषय को लेकर गंभीर संकेत दिए हैं। यह स्थिति, जिसे प्रीमैच्योर मेनोपॉज कहा जाता है, अब पहले से अधिक महिलाओं में देखी जा रही है।
रिसर्च में क्या हुआ खुलासा
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने लगभग 10,000 महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया। इस अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं को 40 वर्ष से पहले मेनोपॉज हो जाता है, उनमें जीवनभर दिल की बीमारियों का खतरा करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। पहले यह समस्या लगभग 1 प्रतिशत महिलाओं में मानी जाती थी, लेकिन अब आंकड़ा 3 से 4 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
दिल से क्या है इसका संबंध
कम उम्र में मेनोपॉज का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल बदलाव होता है, खासकर एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी। यह हार्मोन महिलाओं के दिल की सुरक्षा करता है। जब इसका स्तर समय से पहले घटता है, तो दिल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
शरीर में आने वाले बदलाव
एस्ट्रोजन की कमी से शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। वजन बढ़ना और पेट के आसपास चर्बी जमा होना आम हो जाता है। इसके अलावा धमनियों में सख्ती आ सकती है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और ब्लड प्रेशर हाई होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। साथ ही मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे शरीर की ताकत प्रभावित होती है।
समय से पहले मेनोपॉज के कारण
इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, हालांकि कई बार इसका स्पष्ट कारण पता नहीं चलता। आनुवंशिक कारण इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा ऑटोइम्यून बीमारियां, गंभीर संक्रमण या सर्जरी, और खराब जीवनशैली जैसे अत्यधिक तनाव, धूम्रपान और असंतुलित आहार भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
बचाव के लिए जरूरी कदम
इस स्थिति से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार बेहद जरूरी है। संतुलित आहार जिसमें ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों, अपनाना चाहिए। नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। साथ ही, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना और डॉक्टर की सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर हार्मोन थेरेपी जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं।
महिलाओं के लिए चेतावनी और जागरूकता
कम उम्र में मेनोपॉज केवल एक सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य चेतावनी भी हो सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने शरीर के संकेतों को समझना और समय रहते उचित कदम उठाना जरूरी है। जागरूकता और सही देखभाल से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।