नई दिल्ली: आजकल बढ़ते वजन और खराब लाइफस्टाइल के कारण लोग तेजी से अपनी डाइट से चीनी को बाहर कर रहे हैं। वजन कम करने की शुरुआत अक्सर शुगर छोड़ने से होती है, लेकिन मीठा खाने की आदत और बार-बार होने वाली क्रेविंग्स इस सफर को मुश्किल बना देती हैं। ऐसे में कई लोग वेट लॉस जर्नी के बीच में ही हार मान लेते हैं। हालांकि, मीठा छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि आपको स्वाद से पूरी तरह समझौता करना पड़े। कुछ नेचुरल और हेल्दी विकल्प ऐसे हैं जो मीठे की जरूरत भी पूरी करते हैं और वजन बढ़ने का खतरा भी कम करते हैं।
स्टीविया बना सबसे सुरक्षित विकल्प
अगर आप कैलोरी से बचना चाहते हैं तो स्टीविया सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। यह एक प्राकृतिक पौधे से तैयार किया जाता है और चीनी से कई गुना अधिक मीठा होता है। खास बात यह है कि इसमें कैलोरी नहीं होती और यह ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित नहीं करता। यही वजह है कि वजन घटाने वाले लोगों और डायबिटीज मरीजों के लिए इसे सुरक्षित माना जाता है।
ताजे फल दूर करेंगे मीठे की क्रेविंग
जब भी मीठा खाने का मन करे, बाजार की मिठाइयों और चॉकलेट की जगह ताजे फल खाना बेहतर विकल्प हो सकता है। सेब, संतरा, पपीता, अमरूद और बेरीज जैसे फलों में प्राकृतिक मिठास के साथ फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाते हैं।
खजूर से मिलेगा स्वाद और पोषण
खजूर को प्राकृतिक मिठास का खजाना माना जाता है। इसमें आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। मीठा खाने की इच्छा होने पर एक-दो खजूर खाने से न सिर्फ स्वाद मिलता है बल्कि शरीर को ऊर्जा भी मिलती है। कई लोग हेल्दी शेक और स्मूदी में भी चीनी की जगह खजूर का इस्तेमाल करते हैं।
सीमित मात्रा में शहद भी फायदेमंद
शुद्ध और प्राकृतिक शहद चीनी का बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। सुबह गुनगुने पानी में थोड़ा शहद और नींबू मिलाकर पीना कई लोगों की हेल्दी रूटीन का हिस्सा है। हालांकि शहद में भी कैलोरी होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
गुड़ से पूरी करें मीठे की जरूरत
गुड़ को लंबे समय से चीनी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें आयरन, पोटेशियम और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ खाने से मीठा खाने की इच्छा शांत होती है और पाचन में भी मदद मिलती है।
मेवे और किशमिश भी हैं बेहतर विकल्प
बादाम, अखरोट और काजू जैसे मेवे हेल्दी फैट और प्रोटीन से भरपूर होते हैं। अगर इनके साथ थोड़ी मात्रा में किशमिश खाई जाए तो मीठे की क्रेविंग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। यह विकल्प न सिर्फ स्वाद देता है बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी उपलब्ध कराता है।