भोपाल डेस्क: हमारे शरीर को प्रतिदिन भोजन के जरिये विटामिन और खनिज लवणों की पूर्ति होती है। घर का बना साधारण खाना हमें पर्याप्त मात्रा में ये पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। विभिन्न शोध भी इस बात का खुलासा करते हैं कि सप्लीमेंट्स और विटामिन की गोलियों की तुलना में भोजन से मिलने वाले अधिकांश विटामिन हमारे शरीर के लिए बेहतर होते हैं। हेल्थ चेकअप के बाद शरीर में विटामिन की कमी सामने आने पर कई लोग सप्लीमेंट लेने का विचार करते हैं लेकिन जहां तक संभव हो भोजन से ही इनकी आपूर्ति कर लेनी चाहिए। भोजन से हमें ऊर्जा भी मिलती है जबकि विटामिन और खनिज लवण से कैलोरी नहीं हासिल होती।
विटामिन की कमी से होने वाले रोग
कुछ विटामिनों की अगर शरीर में ज्यादा कमी हो जाए तो उससे कई रोग हो सकते हैं। विटामिन ए रतौंधी से बचाता है तो विटामिन डी की कमी से रिकेट्स होता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जहां तक संभव हो हमें अपने भोजन से ही इनकी आपूर्ति कर लेनी चाहिए। विटामिन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह चिकित्सक कुछ खास परिस्थितियों में ही देते हैं। इन्हें स्वस्थ खानपान का विकल्प नहीं माना जा सकता। हेल्थ चेकअप के बाद जिस विटामिन या खनिज लवण की कमी होती है अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें कि कौन से सप्लीमेंट्स की कितनी मात्रा आपके लिए उपयुक्त होगी।
सप्लीमेंट्स के साइड इफेक्ट्स का रखें ख्याल
यदि आप सप्लीमेंट्स लेते हैं तो उनके संभावित साइड इफेक्ट्स के बारे में जानना जरूरी है। सप्लीमेंट्स को अगर दूसरी दवाओं के साथ लिया जाता है तो किस दवा के साथ रिएक्शन हो सकता है इसके बारे में चिकित्सक से सलाह लेना बहुत जरूरी है। बहुत अधिक मात्रा में विटामिन लेना भी खतरनाक हो सकता है। उदाहरण के लिए वसा में घुलनशील विटामिन ए, डी, ई और के के विषय में यह सच है क्योंकि इनकी अधिकता को यूरिन के माध्यम से निकालना कठिन होता है और यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। यदि आप फल, सब्जियां, साबूत अनाज, दालें नियमित ले रहे हैं तो कमी के चांस कम होते हैं।
सप्लीमेंट्स कब जरूरी हो जाते हैं
अगर आप सही तरह खा नहीं पाते और प्रतिदिन 1600 कैलोरी अपने रोज के भोजन से हासिल नहीं कर पाते तो सप्लीमेंट्स लेने पड़ सकते हैं। यदि आपको एक या अधिक खाने की चीजों से एलर्जी हो तो भी सप्लीमेंट्स मददगार हो सकते हैं। शाकाहारी लोगों में कई विटामिन और खनिज लवणों की कमी होने की आशंका हो सकती है। गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली माताएं, मासिक धर्म में ज्यादा रक्तस्राव, डायरिया, फूड एलर्जी, लिवर संबंधी बीमारी या पाचन संबंधी गड़बड़ी की स्थिति में सप्लीमेंट्स जायज हो सकते हैं। खरीदने से पहले लेबल अच्छी तरह चेक करें और एक्सपायरी डेट जांच लें।
भोजन का विकल्प नहीं हो सकते सप्लीमेंट्स
तरल पदार्थों को हमारा शरीर आसानी से पचा लेता है इसलिए भोजन के माध्यम से विटामिन का अवशोषण ज्यादा आसान होता है। आंतों से गोलियों का अवशोषण स्तर कम मात्रा में होता है। सप्लीमेंट्स आहार में विटामिन की होने वाली कमी के पूरक तो हो सकते हैं लेकिन वे कभी भोजन का विकल्प नहीं हो सकते। जहां तक संभव हो संतुलित आहार लेना चाहिए। चिकित्सक की सलाह के बिना नियमित रूप से सप्लीमेंट्स लेना उचित नहीं। स्वस्थ जीवनशैली और विविधतापूर्ण भोजन ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।